पेंड्रा-अमरकंटक क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जहां न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इसके चलते इलाके में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। अत्यधिक ठंड को देखते हुए गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने जिले में पांचवीं तक के बच्चों के लिए 10 जनवरी तक स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। पेंड्रा और अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 7 डिग्री कम है। यह स्थिति शीतलहर का कारण बन रही है। उत्तर व मध्य भारत के कई हिस्सों के साथ-साथ उत्तरी छत्तीसगढ़ में भी ठंड की लहर तेज हो गई है, जिससे सुबह-शाम ठिठुरन और कोहरे की समस्या बढ़ गई है। कुछ इलाकों में खेतों में जमीं ओस की बूंद शीतलहर के कारण पूरे क्षेत्र में लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। खुले इलाकों और ऊंचाई वाले हिस्सों में ठंडी हवाओं का असर अधिक महसूस किया जा रहा है। पेंड्रा और अमरकंटक के कुछ इलाकों में ओस की जमी बूंदों से खेतों, छतों और खुली जमीन पर सफेद परत देखी जा रही है, जो सर्दी के प्रभाव को और बढ़ा रही है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में कड़ाके की ठंड और शीतलहर को देखते हुए कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने कक्षा पांचवीं तक के सभी विद्यार्थियों के लिए 10 जनवरी तक अवकाश घोषित किया है। यह आदेश जिले के सभी शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त, मान्यता प्राप्त और सभी बोर्ड से संबद्ध स्कूलों पर लागू होगा। हालांकि, शिक्षक और कर्मचारी निर्धारित समय पर उपस्थित रहकर प्रशासनिक कार्य करते रहेंगे। प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर रखें और अनावश्यक रूप से ठंड में, खासकर सुबह के समय, बाहर न निकलने दें। मौसम विशेषज्ञों ने उत्तरी छत्तीसगढ़ सहित मध्य भारत के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट की संभावना जताई है, इसलिए लोगों को ठंड और कम दृश्यता दोनों से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।


