डीडवाना कुचामन जिले के छोटी खाटू क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चामुंडा माता मंदिर स्थित कौड़िया डूंगरी और आसपास के रिहायशी इलाकों में पिछले कुछ समय से एक पैंथर (तेंदुए) की आवाजाही ने लोगों की नींद उड़ा दी है। पैंथर के देखे जाने की खबर फैलते ही स्थानीय ग्रामीणों और मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं में भय का माहौल व्याप्त है। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि उन्होंने पहाड़ी की झाड़ियों में पैंथर को देखा है, जिसके बाद से क्षेत्र में हाई अलर्ट जैसी स्थिति बनी हुई है। पंजों के निशान मिले, वन विभाग ने दी चेतावनी मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई है। वन विभाग के अधिकारी जगदीश ने बताया कि हालांकि विभाग की टीम को अभी तक पैंथर प्रत्यक्ष रूप से दिखाई नहीं दिया है, लेकिन क्षेत्र में पैंथर के पंजों के निशान (पग मार्क) मिले हैं। विभाग द्वारा लाउडस्पीकर के माध्यम से मुनादी करवाकर ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी जा रही है। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि पैंथर की सटीक लोकेशन मिलते ही स्पेशल टीम बुलाई जाएगी और पिंजरा लगाने की कार्रवाई की जाएगी। *प्रत्यक्षदर्शियों की आपबीती: “झाड़ियों में बैठा था काला पैंथर* ग्रामीण इरफान और उनके साथियों ने बताया कि शाम के समय जब वे डूंगरी की तरफ गए, तो उन्होंने झाड़ियों के बीच एक काले रंग के पैंथर को बैठा देखा। दहशत का आलम यह था कि वे केवल फोटो खींच पाए और तुरंत गाड़ी में बैठकर वहां से जान बचाकर भागे। वहीं, ग्रामीण रविन्द्र सिंह के अनुसार पैंथर को ट्रैक्टर के आगे और नायकों की ढाणी व क्रेशर के पास राजाराम के खेत में भी देखा गया है, जहाँ उसके पदचिह्न स्पष्ट नजर आ रहे हैं। प्रशासन और स्थानीय जानकारों ने सुरक्षा के लिहाज से निम्नलिखित निर्देश जारी किए हैं.मंदिर या पहाड़ी की ओर हमेशा समूह में ही जाएं।छोटे बच्चों को घर के बाहर या डूंगरी के पास अकेला न छोड़ें।शाम ढलने के बाद और अलसुबह अंधेरे में डूंगरी की तरफ जाने से पूरी तरह परहेज करें.पशु चराने वाले चरवाहे पहाड़ी के पथरीले रास्तों और घनी झाड़ियों की ओर न जाएं।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में जल्द से जल्द पिंजरा लगाया जाए और गश्त बढ़ाई जाए ताकि किसी भी संभावित अनहोनी को रोका जा सके।


