भास्कर न्यूज | बैकुंठपुर भरतपुर ब्लॉक के नगरीय क्षेत्र जनकपुर में भालू को रेस्क्यू कर जंगल छोड़ा गया है। भालू पिछले चार दिन से पेड़ के सहारे किराना दुकान की छत पर पहंुचता था और रखे हुए सामान को नुकसान पहुंचा रहा था। इसके अलावा रोज ही बड़ी मात्रा में गुड़ और बताशा चटकर रहा था। रविवार की रात पिंजरा लगाकर उसे पकड़ा गया। जनकपुर के राजेंद्र किराना स्टोर के संचालक भारत लाल गुप्ता ने बताया कि पिछले तीन-चार दिनों से नर भालू दुकान की छत पर पेड़ के सहारे चढ़कर पहुंच रहा था। भालू छत पर रखे थोक सामान को नुकसान पहुंचा रहा था। शुरुआत में इसे सामान्य समझा गया, लेकिन जब भालू का आना-जाना नियमित हो गया, तब जान-माल के खतरे को लेकर चिंता बढ़ने लगी। 20 दिसंबर की रात करीब 11.30 बजे गुप्ता छत पर सामान देखने गए थे। वे जैसे ही छत पर पहुंचे, सामने भालू दिखाई दिया। भालू को एकाएक सामने देखकर वे घबरा गए और तुरंत दरवाजे के पीछे छिप गए। भालू कुछ देर तक छत पर ही रहा और गुड़ और बताशा खाता रहा। फिर पेड़ के सहारे नीचे उतरकर भाग गया। घटना के बाद से परिवार और आसपास के लोगों में डर का माहौल है। पेड़ पर भालू के चढ़ने और उतरने की घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद है। परिवार ने घटना की जानकारी कुंवारपुर रेंजर भूपेंद्र यादव को दी। उन्होंने अधिकारियों को सूचना दी। डीएफओ मनेंद्रगढ़ के निर्देश पर भालू को सुरक्षित पकड़ने की योजना बनाई गई। गुड़ के लालच में फंसा रविवार की रात दुकान के पेड़ के पास पिंजरा लगाया गया। इसी पेड़ से चढ़कर भालू दुकान की छत पर पहुंचता था। पिंजरे में चारे के तौर पर गुड़ रखा गया। रात करीब 3.30 बजे भालू गुड़ के लालच में पिंजरे के अंदर घुसा और पिंजरा बंद हो गया। भालू के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वहीं मौके पर लोगों की भीड़ लग गई और लोग वीडियो बनाने लगे। भालुओं को खाने-पीने की चीजें नहीं देनी चाहिए ^भालू भटकते हुए रिहायशी इलाकों में पहुंचते हैं। उनसे दूरी बनाएं रखना चाहिए। खाने-पीने की सामाग्री देने से बचना चाहिए क्योंकि भालू को एक ही जगह पर खाद्य सामाग्री मिलने पर वह बार-बार पहुंचने लगता है। इससे खतरा बढ़ जाता है। अखिलेश मिश्रा, एसडीओ, वन विभाग बैकुंठपुर


