वन रक्षक भर्ती परीक्षा-2020 (फॉरेस्ट गार्ड) पेपर लीक मामले में पकड़े गए सरकारी टीचर जबराराम जाट ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। मास्टरमाइंड अखबारों में पेपर लीक से जुड़ी खबरें पढ़ता था। इसमें करोड़ों की कमाई होने के लालच के चलते वह इसका मास्टरमाइंड बन गया। पुलिस उसे आज बांसवाड़ा में पेशी पर लेकर आई। यहां 9 दिन की रिमांड मांगी गई है। पुलिस इस मामले में अब तक 39 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन कई बड़े खुलासे और पैसों की रिकवरी बाकी है। मास्टरमाइंड से पूछताछ में हुए बड़े खुलासे केस के आईओ एएसपी भवानी शंकर मीणा ने बताया- गिरफ्तार मास्टरमाइंड, जो कि खुद एक थर्ड ग्रेड टीचर है, शुरू से ही महत्वाकांक्षी था और अखबारों में पेपर लीक से करोड़ों कमाने की खबरें पढ़कर पैसे कमाना चाहता था। गिरफ्तार आरोपी जबराराम जाट बाड़मेर के पचपदरा थाना क्षेत्र का रहने वाला है। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने पेपर भोपाल स्थित रुचि प्रिंटिंग प्रेस से लिया था। आरोपी ने पेपर लीक के जरिए काफी पैसा कमाया है, जिसकी वसूली (रिकवरी) के लिए पुलिस उसे आज कोर्ट में पेश कर दोबारा रिमांड पर लेगी। 4 के नाम भी बताए पूछताछ में मास्टरमाइंड ने चार लोगों के नाम बताए हैं, जिन्होंने पेपर उपलब्ध कराने में मदद की थी। पुलिस ने इन चारों को नॉमिनेट कर लिया है, और जो व्यक्ति प्रिंटिंग प्रेस से पेपर निकालकर लाया था, उसका भी पता चल गया है, हालांकि वह अभी फरार है। 10 से 15 लोग अब भी रडार पर कि गोपनीयता की दृष्टि से अभी अन्य नामित व्यक्तियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। इस कड़ी में जो भी अन्य लोग शामिल हैं, उन सभी से गहन पूछताछ (डिटेल इंटेरोगेशन) किया जाएगा। फिलहाल पुलिस ने 39 लोगों को गिरफ्तार किया है, और 10 से 15 अन्य लोग भी रडार पर हैं।


