विधानसभा चुनाव के पहले जुलाई 2023 में सीधी पेशाब कांड के बाद टिकट गंवाने वाले पूर्व विधायक केदारनाथ शुक्ला ने सीधी विधायक रीति पाठक और सीधी सांसद डॉ राजेश मिश्रा को बिना नाम लिए षड्यंत्रकारी बताया है। विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान भोपाल पहुंचे पूर्व विधायक केदारनाथ शुक्ल ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। सवाल: सीधी पेशाब कांड के बाद आपका टिकट कट गया था? उसको लेकर आप क्या कहेंगे?
केदारनाथ: वो तो एक षड्यंत्र था और आज षड्यंत्रकारी सांसद और विधायक हैं। ये सब प्रदेश और देश के नेतृत्व को भी मालूम है। लेकिन अब तो वह घटना घट चुकी है। सवाल: क्या आपने पार्टी संगठन में इसको लेकर बात नहीं की? सवाल: आप संगठन में काम करना चाहेंगे या वापस सीधी से चुनाव लड़ेंगे?
केदारनाथ: अगर मौका मिला तो संगठन में काम कर सकता हूं और सीधी से चुनाव भी लड़ सकता हूं, अगर मौका मिला तो। सवाल: वो विधायक और सांसद कौन हैं? जिन्होंने षड्यंत्र किया था?
केदारनाथ: वो तो सीधी से सांसद और विधायक हैं उनके नाम स्पष्ट हैं। सांसद बोले: वो इसके प्रमाण दें
पूर्व विधायक केदारनाथ शुक्ला के आरोप पर सीधी सांसद डॉ राजेश मिश्रा से दैनिक भास्कर ने फोन पर जवाब मांगा तो उन्होंने कहा- अगर उन्होंने यह कहा है तो वे इसके प्रमाण दें। मैं इस मामले पर कुछ नहीं कहना चाहता। इतने दिनों बाद वे ऐसी बातें क्यों कर रहे हैं। वे ही इसके प्रमाण दे सकते हैं। अब बहुचर्चित सीधी पेशाब कांड के बारे में जान लीजिए 4 जुलाई 2023 को सीधी जिले में आदिवासी युवक पर एक व्यक्ति द्वारा नशे की हालत में पेशाब करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसने पूरे देश में सनसनी और आक्रोश फैलाया। वीडियो में दिख रहे व्यक्ति का नाम कथित रूप से प्रवेश शुक्ला सामने आया, जिसने बाजार में बैठे आदिवासी युवक के ऊपर न केवल अपमानजनक शब्द कहे बल्कि उस पर पेशाब भी किया। यह वीडियो तुरंत ही वायरल हो गया और मामले “सीधी पेशाब कांड” के नाम से प्रचारित हुआ। पुलिस कार्रवाई और विवाद वीडियो वायरल होने के बाद सीधी पुलिस ने आरोपी प्रवेश शुक्ला के खिलाफ आईपीसी की आपराधिक धाराओं के साथ अनुसूचित जाति तथा जनजाति अत्याचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इस आपत्तिजनक कृत्य के चलते नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत भी कार्रवाई शुरू की। सीएम ने पीड़ित के धोए थे पैर घटना को लेकर मचे विवाद के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीड़ित युवक दशमत रावत को भोपाल सीएम हाउस बुलाकर उनके पैर धोये और उन्हें सम्मान तथा सहायता देने की घोषणा की। राज्य सरकार ने पीड़ित को 6.5 लाख रुपए की सहायता भी मंजूर की थी। इसी विवाद के बीच भाजपा के एक जिला महामंत्री ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया, और इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई। विधायक प्रतिनिधि को लेकर भी हुई थी कॉन्ट्रोवर्सी
मामले के शुरुआती दिनों में विपक्षी दलों ने दावा किया कि प्रवेश शुक्ला सीधी के बीजेपी विधायक केदारनाथ शुक्ला का प्रतिनिधि है, और इसी वजह से केदारनाथ सीधे विपक्ष के निशाने पर थे। आरोपी प्रवेश शुक्ला के पिता रामाकांत शुक्ला ने भी कहा था कि उनका बेटा बीजेपी विधायक केदारनाथ शुक्ला का प्रतिनिधि रहा है और इसी कारण विपक्ष उनके खिलाफ निशाना साध रहा है। विधायक केदारनाथ शुक्ला ने इस दावे से स्पष्ट इनकार किया। उन्होंने कहा कि प्रवेश शुक्ला उनके प्रतिनिधि नहीं थे और न ही बीजेपी पार्टी के कार्यकर्ता हैं, हालांकि वे उसे पहचानते हैं क्योंकि दोनों सीधी क्षेत्र से संबंधित हैं। सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें और पोस्ट वायरल हुई थीं जिनमें प्रवेश शुक्ला और विधायक केदारनाथ शुक्ला एक साथ दिखे थे, लेकिन विधायक ने कहा कि लोग अक्सर तस्वीरों में खड़े दिखते हैं, इसका यह मतलब नहीं कि वे उसके प्रतिनिधि हैं। राहुल और प्रियंका गांधी ने भी उठाया था मामला कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने उस वक्त ट्वीट कर लिखा था कि बीजेपी शासन में आदिवासी और दलित भाई-बहनों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं। मध्यप्रदेश के सीधी जिले में बीजेपी नेता द्वारा एक आदिवासी युवक के साथ अपमानजनक एवं अमानवीय कृत्य ने मानवता को शर्मनाक रूप से समाप्त कर दिया है। यह बीजेपी की आदिवासी और दलितों के प्रति नफरत का असली चेहरा है। प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर लिखा था- मध्यप्रदेश में बीजेपी विधायक से जुड़े व्यक्ति द्वारा आदिवासी युवक के साथ जो अमानवीय और घृणित कृत्य किया गया, वह अत्यंत शर्मनाक है। बीजेपी शासन में आदिवासी हितों के बारे में केवल खोखले वादे और शब्द हैं। सरकार वास्तविक कदम क्यों नहीं उठा रही है ताकि आदिवासी समाज के खिलाफ अत्याचार रोके जा सकें? इस विवाद से जुड़ी खबरें पढ़िए… बीजेपी कार्यकर्ता ने मानसिक विक्षिप्त पर पेशाब की:आरोपी सीधी विधायक का पूर्व प्रतिनिधि मध्यप्रदेश के सीधी जिले में बीजेपी कार्यकर्ता ने शराब के नशे में एक मानसिक विक्षिप्त आदिवासी पर पेशाब कर दी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह वीडियो 9 दिन पुराना बताया जा रहा है, जो कुबरी बाजार का है। आरोपी प्रवेश शुक्ला कुबरी का ही रहने वाला है। वह सीधी जिले से बीजेपी विधायक पं. केदारनाथ शुक्ला का प्रतिनिधि रह चुका है। यहां पढ़ें पूरी खबर…


