भास्कर न्यूज|लोहरदगा आदिवासी समन्वय समिति की बैठक आदिवासी सांस्कृतिक कला केंद्र भवन, कुटमू में हुई। अध्यक्षता सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद उरांव ने की। बैठक में आदिवासियों के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा हुई। अरविंद उरांव ने कहा कि हाईकोर्ट ने हेमंत सोरेन सरकार को दो महीने में पेसा कानून लागू करने का निर्देश दिया था। छह महीने बीतने के बाद भी सरकार चुप है। जनजातीय परामर्शदात्री परिषद (टीएसी) को तोड़-मरोड़कर आदिवासियों पर थोपने की कोशिश हो रही है। युवा नेता विश्वनाथ उरांव ने कहा कि आदिवासियों को अपनी जमीन पर लोन नहीं मिलता। इससे युवा मोरगेज लोन का लाभ नहीं उठा पा रहे। बिजनेस शुरू करने में दिक्कत हो रही है। इसलिए सीएनटी एक्ट में थाना क्षेत्र की बाध्यता खत्म कर मोरगेज लोन लागू किया जाए। पूर्व मुखिया वीरेंद्र उरांव ने कहा कि विधानसभा से पारित ट्राइबल सरना प्रस्ताव को झारखंड के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी संस्थानों में लागू किया जाए। बैठक में निर्णय लिया गया कि हेमंत सोरेन सरकार आदिवासियों के मुद्दों पर कोई नीतिगत फैसला नहीं ले रही। उल्टा उन्हें दिग्भ्रमित कर रही है। समिति जल्द ही राज्यपाल से मिलेगी और स्थिति से अवगत कराएगी। अगली बैठक 20 फरवरी को दोपहर 1 बजे आदिवासी सांस्कृतिक कला केंद्र भवन, कुटमू में ही होगी। इसमें जिले के सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और विषय विशेषज्ञों को बुलाया गया है।


