केंद्रीय सरना समिति, राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा के प्रतिनिधि और आदिवासी समाज के छात्र शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिले। कैबिनेट से पेसा नियमावली को स्वीकृति देने पर मुख्यमंत्री का आभार जताया। इस दौरान सीएम ने कहा-झारखंड में आदिकाल से निवास करने वाले जनजातीय समुदाय हमारी सभ्यता-संस्कृति की आत्मा है। झारखंड के जल, जंगल, जमीन और सभ्यता-संस्कृति को संरक्षित करने के लिए हमारे पूर्वजों ने काफी संघर्ष किया है। पेसा कानून आदिवासी-मूलवासी के अधिकार, स्वाभिमान और स्वशासन को मजबूत करने वाला है। हमारी सरकार ने जनजातीय स्वशासन, सम्मान और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के लिए पेसा नियमावली को मंजूरी दी है। राज्य में पेसा कानून के लागू होने से जनजातीय क्षेत्र की ग्राम सभाओं को निर्णय लेने का अधिकार मिलेगा। -पेज 4 भी पढ़ें


