महादेव सट्टा की तर्ज पर कवर्धा में किंग्डम बुक डॉट कॉम के नाम पर चल रहे सट्टे के संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है। कवर्धा से रायपुर तक फैले इस नेटवर्क में करोड़ों के अवैध लेन-देन का ब्यौरा मिला है। आरोपी राजा उर्फ सतप्रीत सिंह खुराना निवासी कवर्धा की गिरफ्तारी हुई है, जो इस एप के जरिए ऑनलाइन सट्टा खेला रहा था। एसपी धर्मेंद्र सिंह छवई के अनुसार, आरोपी राजा के मोबाइल और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच में 91 लाख रुपए से ज्यादा के लेन-देन का हिसाब सामने आया है। इस नेटवर्क में कवर्धा में 70 से 75 ऑनलाइन सट्टा आईडी सक्रिय थीं। इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड रायपुर निवासी अनीश खान है। उसी के पास सुपर आईडी थी, जिससे पूरे सट्टा नेटवर्क को राजधानी से कंट्रोल कर रहा था। आरोपी राजा उर्फ सतप्रीत सिंह खुराना, अनीश खान के निर्देश पर कवर्धा में लोकल ऑपरेटर का काम कर रहा था। अनीश और राजा के बीच कभी सामान्य मोबाइल कॉल नहीं होती थी। दोनों इंटरनेट जनरेटेड नंबरों से वाट्सएप कॉलिंग के जरिए संपर्क में रहते थे। यही वजह है कि यह नेटवर्क लंबे समय तक पुलिस की नजरों से बचा रहा। यह पैंतरा: डिजिटल ट्रेल से बचने कैश में लेन-देन पूछताछ से पता चला है कि सट्टे से होने वाले मुनाफे का लेन-देन पूरी तरह कैश में किया जाता था। ताकि कोई डिजिटल ट्रेल (इंटरनेट के उपयोग के दौरान छोड़े गए इलेक्ट्रॉनिक निशानों का समूह) न बचे। मास्टर माइंड अनीश खान अपने भरोसेमंद लोगों को अलग-अलग समय पर राजा के पास रकम लेने भेजता था। वाट्सएप कॉल के जरिए वह राजा को उस व्यक्ति का हुलिया, कपड़े और पहचान के संकेत पहले ही बता देता था, जिससे किसी तरह का संदेह न हो। आईडी को क्रैक करने में जुटी है साइबर टीम: सिंह एसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में ऑनलाइन एप गेमिंग सट्टा एक्ट की धारा 7 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। 70-75 आईडी का पता चला है, लेकिन ये किसी व्यक्ति के नाम पर नहीं है। बल्कि ए-1, ए-2, केपी-2 जैसे कोड नेम से बनाई गई हैं। आईडी को क्रैक कर आरोपियों की पहचान करने के लिए साइबर टीम जुटी हुई है। जानिए, इस तरह होता था पूरे मुनाफे का बंटवारा पुलिस के मुताबिक, यह नेटवर्क फ्रेंचाइजी मॉडल पर काम कर रहा था। अलग-अलग पैनल ऑपरेटर बनाए गए थे, जिन्हें सट्टा नेटवर्क की ओर से पैनल दिया जाता था। पैनल ऑपरेटर का काम सट्टा खेलने वालों को यूजर आईडी देना, पैसे जमा कराना और गेम खिलवाना था। मुनाफे का बंटवारा 90-10 के अनुपात में होता था। 90 प्रतिशत प्रमोटर्स का और 10 प्रतिशत पैनल ऑपरेटर को बतौर कमीशन मिलता था। खुलासे के बाद दीगर जिलों में भी इनका नेटवर्क खंगाला जा रहा है। मुखबिर को भेजकर आईडी खुलवाई गई पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कवर्धा में कोई ऑनलाइन सट्टा खेला रहा है। पुलिस ने दूसरे माध्यम से आईडी खुलवा कर सट्टा खेलाने की पुष्टि की। उसी आईडी के आधार पर राजा उर्फ सतप्रीत सिंह खुराना को गिरफ्तार किया गया। उसके मोबाइल से सट्टे का डिजिटल ब्योरा, आईडी और ट्रांजेक्शन डिटेल मिली है। इसे पूरे खुलासे के बाद पुलिस ने आरोपी राजा उर्फ सतप्रीत को कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। फिलहाल पुलिस इस मामले की विवेचना में गंभीरता से जुटी हुई है।


