बिलासपुर में नगरीय निकाय चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशियों पर पैसे बांटने के लगातार आरोप लगते रहे। ऐसे ही कोनी स्थित वार्ड क्रमांक 68 राम कृष्ण परमहंस नगर में चुनाव से एक दिन पहले भाजपा पार्षद प्रत्याशी का देवर पैसे बांटते पकड़ा गया। नाराज लोगों ने उसे पुलिस के हवाले किया। लेकिन, कार्रवाई नहीं हुई तो थाने का घेराव कर जमकर हंगामा मचाया। इधर, पार्षद पति ने पैसे बांटने के आरोपों को झूठा बताया। उन्होंने कहा कि छोटे भाई को ग्राहक से रुपए लेकर घर आ रहा था, जिसे लोगों ने पकड़ा है। वहीं, पुलिस ने शिकायत पर जांच के बाद कार्रवाई करने की बात कही है। वार्ड क्रमांक 68 में भाजपा नेता अमित मिश्रा की पत्नी ममता मिश्रा भाजपा से पार्षद का चुनाव लड़ रही हैं। रविवार की रात चुनाव प्रचार थमने के बाद से प्रत्याशी घर-घर जाकर जनसंपर्क कर रहे हैं। वहीं, मतदाताओं को अपने पक्ष में वोट डालने की अपील करते रहे। मतदान से पहले शाम को अमित मिश्रा का भाई और प्रत्याशी का देवर आशीष मिश्रा 500-500 रुपए के बंडल और लिफाफे के साथ पकड़ा गया। इस दौरान लोगों ने उसका वीडियो बनाया और पैसे बांटने का आरोप लगाते हुए पुलिस को बुला लिया। पकड़ कर ले गए थानेदार, नहीं हुई कार्रवाई
इस घटना की जानकारी मिलते ही टीआई नवीन देवांगन मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पैसे के साथ आशीष मिश्रा को पकड़कर थाने ले गए। लेकिन, जब कांग्रेस नेताओं को पता चला कि भाजपा प्रत्याशी के देवर के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है तो वो थाने पहुंच गए। कांग्रेस नेता त्रिलोक श्रीवास के साथ कांग्रेस के मेयर प्रत्याशी प्रमोद नायक थाना पहुंच गए, जहां लोगों के साथ उन्होंने जमकर हंगामा मचाया। उनका आरोप था कि रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद भी पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। कार्रवाई नहीं होने पर चक्काजाम करने दी चेतावनी
त्रिलोक श्रीवास और उसके समर्थकों के साथ भीड़ ने थाने में जमकर हंगामा मचाया। वो लोग एफआईआर करने की मांग पर अड़े थे। वहीं, सिटी कोतवाली सीएसपी और आईपीएस अक्षय प्रमोद साबद्रा के साथ ही टीआई नवीन देवांगन उन्हें समझाइश देने की कोशिश करते रहे। इस दौरान कांग्रेस नेता त्रिलोक ने चेतावनी देते हुए कहा कि एफआईआर नहीं होने पर थाने के सामने चक्काजाम किया जाएगा। हालांकि, पुलिस अफसर इस मामले की जांच के बाद कार्रवाई करने की बात कहते रहे। भाजपा नेता बोला- ग्राहक से रुपए लेकर आ रहा था भाई भाजपा नेता अमित मिश्रा ने कहा कि मेरा भाई आशीष मिश्रा सीमेंट का व्यवसाय करता है। दिनेश पटेल ने उससे सीमेंट खरीदा था। उससे वह रुपए लेकर घर वापस आ रहा था। उसके पास बकायदा ग्राहक से लिए रुपयों का हिसाब है और 52 हजार की रसीद भी है। लोगों का आरोप गलत है।


