पोकरण में कब्रिस्तान की दीवार ढहाने पर भड़के पूर्व मंत्री:सालेह मोहम्मद बोले- ‘आजादी के बाद का है कब्रिस्तान, दोषी अधिकारियों पर हो कार्रवाई’

जैसलमेर जिले के पोकरण के केलावा गांव में गोवंश अवशेष मामले के बाद प्रशासन द्वारा की गई ‘बुलडोजर कार्रवाई’ ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। पूर्व अल्पसंख्यक मामलात मंत्री सालेह मोहम्मद ने प्रशासन द्वारा कब्रिस्तान की दीवार तोड़ने को गैर-कानूनी बताते हुए सीधे तौर पर उन अधिकारियों को चेतावनी दी है जिन्होंने यह कदम उठाया है। सालेह मोहम्मद ने कहा कि यह कब्रिस्तान कोई नया अतिक्रमण नहीं, बल्कि आजादी के बाद का है। बता दें कि केलावा गांव में गोवंश अवशेष मिलने के बाद शनिवार को हिंदू संगठनों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया था। शनिवार को पोकरण कस्बा भी बंद रहा। स्थिति को शांत करने और दबाव के बीच प्रशासन ने आरोपियों के निर्माणों के साथ-साथ जैसलमेर रोड स्थित पुराने कब्रिस्तान की दीवार को भी अतिक्रमण बताकर बुलडोजर से ढहा दिया था। इसी कार्रवाई को पूर्व मंत्री ने ‘टारगेटेड एक्शन’ करार दिया है। प्रशासन ने दबाव में चलाई जेसीबी- पूर्व मंत्री पूर्व मंत्री सालेह मोहम्मद ने कहा कि जैसलमेर रोड पर स्थित यह कब्रिस्तान कोई अवैध निर्माण नहीं है। उन्होंने कहा, “यह कब्रिस्तान आजादी के बाद का है। बिना किसी पूर्व सूचना और बिना सीमा ज्ञान (पैमाइश) किए प्रशासन ने बुलडोजर चला दिया। यह पूरी तरह से द्वेषपूर्ण कार्रवाई है। नेताओं के इशारों पर इस तरह की हरकतें करना लोकतंत्र और न्यायपालिका का अपमान है।” दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पूर्व मंत्री ने केवल राजनीतिक विरोध ही नहीं जताया, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कड़े लहजे में कहा, “हम केवल ज्ञापन ही नहीं देंगे, बल्कि उन अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे जिन्होंने बिना नियम-कायदे देखे इस कार्रवाई को अंजाम दिया है।” उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी निष्पक्ष रहने के बजाय किसी विशेष विचारधारा के दबाव में काम कर रहे हैं, जो उनकी सेवा शर्तों का उल्लंघन है। “बाहरी नेताओं का दखल बर्दाश्त नहीं” पोकरण के बिगड़ते माहौल पर चिंता जताते हुए सालेह मोहम्मद ने कहा, “बाहर के जिलों से आए नेता यहाँ की फिजा खराब कर रहे हैं। वे यहाँ की शांति और आपसी भाईचारे के दुश्मन बने हुए हैं। स्थानीय प्रशासन को समझना चाहिए कि अपराधी को दंड मिलना चाहिए, मगर किसी एक व्यक्ति की गलती को लेकर पूरे समाज को टारगेट करना और उनके धार्मिक स्थलों पर बुलडोजर चलाना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।” ज्ञापन और आंदोलन की चेतावनी सालेह मोहम्मद ने स्पष्ट किया कि इस मामले को लेकर वे चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल प्रशासन से मिलकर पूरी घटना का ब्यौरा मांगेगा और अवैध रूप से दीवार तोड़ने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए ज्ञापन सौंपेगा। उन्होंने प्रशासन को दो टूक कहा कि वे किसी के दबाव में आकर गलत काम न करें, अन्यथा उन्हें कानून के समक्ष जवाबदेह होना पड़ेगा। ये खबर भी पढ़ें। ….
गौ हत्या के विरोध में पोकरण बंद:तीन गिरफ्तार, एक के मकान पर बुलडोजर चलाया; विधायक बोले -अपराधियों की प्रॉपर्टी कुर्क होगी जैसलमेर जिले के पोकरण में 8 जनवरी को केलावा गांव में हुई गौ हत्या के बाद शुक्रवार को हिंदू संगठनों ने पोकरण बंद और विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था। इस दौरान आज पोकरण में सुबह से ही बाजार पूरी तरह बंद रहे। इधर विरोध के बाद पुलिस ने गौहत्या के तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं नगरपालिका ने एक आरोपी के मकान पर अवैध अतिक्रमण का हवाला देते हुए बुलडोजर भी चलाया। इस दौरान पोकरण और जैसलमेर विधायक की मौजूदगी में विरोध प्रदर्शन और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर सभा आयोजित की गई।

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