पौने दो करोड़ कमाकर सरप्राइज देना चाहती थी टीचर:बच्चों से कहा था-किसी से मत कहना,पैसा आने दो; ठग की धमकी से डरकर जान दी

मऊगंज में सायबर जालसाजों के जाल में फंसकर 6 जनवरी को जान गंवाने वाली टीचर रेशमा पांडे (35) का बुधवार को तीज कर्म हो गया। परिवार वाले सदमे में हैं। उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि घर की सबसे समझदार महिला आत्महत्या जैसा कदम उठा सकती है। बच्चों को तो लगता है कि मां स्कूल गई हैं, शाम होने से पहले आ जाएंगी। मऊगंज में 5 दिन पहले एक लेडी टीचर रेशमा पांडे ने जहर खा लिया था। दूसरे दिन रीवा अस्पताल उनकी में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि ऑनलाइन फ्रॉड से परेशान होकर उसने जान दे दी। बदमाश लगातार फोन कर धमका रहे थे। कह रहे थे कि उसने चोरी का सामान मंगाया है। इस मामले में एफआईआर दर्ज होने और गिरफ्तारी की बात कह रहे थे। जिले के घूरेहटा वार्ड 12 में रेशमा का आलीशान मकान है। वह पन्नी के हाई स्कूल में गेस्ट टीचर थीं। पति भी पेशे से टीचर हैं। रिश्तेदारों के आने का सिलसिला जारी है। रुक-रुककर घर से महिलाओं के रोने की आवाज आ रही है। घर के बाहर पुलिस परिजन के बयान दर्ज कर रही है। इसी दौरान, बुधवार को दैनिक भास्कर की टीम रेशमा के घर पहुंची। घर के बाहर पहले रेशमा की भांजी ज्योति पांडे मिली। कुछ पूछने से पहले ही तेज आवाज में रोने लगी। सिक्के ही मेरी मामी की मौत की वजह बने
ज्योति हाथ में लिए हुए कुछ सिक्के देखते हुए कहती हैं, ‘ये सिक्के देख रहे हैं आप, इन्हें तो अब भिखारी भी नहीं लेता। ये सिक्के ही मेरी मामी की मौत की वजह बने। ये 40 साल पुराने एक पैसा, दो पैसा, पांच पैसा दस- बीस पैसा और चवन्नी हैं। मामा के घर में ये बहुत पहले से हैं। हमें क्या पता था कि ये उनकी जान ले लेंगे। बहुत मेहनती थीं वे, सबका ख्याल रखती थीं। मुझे तो अपनी बहन जैसी लगती थीं। मामी ने एक बार मोबाइल पर पुराने सिक्के के बारे में विज्ञापन देखा था। उन्होंने विज्ञापन के साथ दी गई लिंक पर रजिस्ट्रेशन कर दिया। कुछ दिन बाद अनजान नंबर से फोन आया। कॉलर ने सिक्कों के बारे में बात की। अब तो मैं उसे मामी की मौत का जिम्मेदार ही कहूंगी। उसने पूछा था कि किस पैसे के कितने सिक्के हैं। मामी ने उसे सभी सिक्कों के बारे में बता दिया। इसके बाद उसने सिक्कों के फोटो भेजने को कहा। मामी ने फोटो भी खींचकर भेज दिए। इसके बाद फिर फोन आया कि आपका रजिस्ट्रेशन भी सही है। आपके पास जो सिक्के हैं, वो भी असली हैं। उसने मामी से कहा था कि आपको सिक्कों के बदले एक करोड़ 75 लाख रुपए मिलेंगे। एकबारगी मामी को विश्वास नहीं हुआ कि इन पुराने सिक्कों की एवज में पौने दो करोड़ रुपए मिलेंगे। उन्होंने फोन काट दिया। झांसे में आकर पैसे ट्रांसफर करती गईं मामी
ज्योति बताती हैं कि इसके बाद उनके पास कई बार कॉल आए। कॉलर ने न जाने कैसे उन्हें झांसे में ले लिया। वैसे, वो कभी लालच नहीं करती थीं। न जाने इस बार क्यों आ गईं। झांसे में आकर पैसे ट्रांसफर करती गईं। उन लोगों ने मामी को फोन कर कहा कि मैडम आपका पार्सल आएगा, जिसके लिए आपको 1500 रुपए देने होंगे। इसी के बाद एक करोड़ 75 लाख रुपए मिलेंगे। आप करोड़पति बन जाएंगी। लालच में आकर जैसा वह कहते गए, मामी करती गईं। उन्होंने धीरे-धीरे 22 से 25 हजार रुपए ट्रांसफर करा लिए। जब वे और रुपए मांगने लगे, तब मामी ने बोला कि अब आगे पैसे नहीं दे पाऊंगी। उन्होंने मजबूरी भी बताई। इसके बाद वे लोग धमकी भरे मैसेज और वीडियो भेजने लगे। उन्होंने मामी से कहा था कि पैसा नहीं दोगी, तो रुपए नहीं मिलेंगे। आपको 50 हजार रुपए का जुर्माना अलग से देना होगा। दो साल की सजा भी होगी। इसके बाद वे इतना ज्यादा डर गईं कि सुसाइड जैसा कदम उठा लिया। मां ने कहा था बहुत सारा पैसा मिलने वाला है
रेशमा की बेटी नारायणी कहती हैं- मैं 9वीं में पढ़ती हूं। ऐसा लगता है कि मां स्कूल गई हैं, शाम तक वापस आ जाएंगी। कभी लगता है वो हमारे पीछे खड़ी हैं, हमसे खाना खाने को कह रही हैं। कुछ समझ नहीं आ रहा। पुलिस आती है, उनके बारे में पूछती है। कल भी बताया था। आज भी वही बताया। घर में बहुत लोग आ रहे हैं। सब रो रहे हैं। मां मुझे हमेशा अच्छे से पढ़ने के लिए कहती थीं। मुझसे हर बात बताती थीं। बहुत पहले मम्मी के पास कॉल आया था। उन्होंने कहा था कि घर में किसी से कुछ न कहना। पुराने सिक्कों के बदले बहुत पैसा मिलने वाला है। फ्रॉड ने मम्मी से सिक्के की फोटो डालने की बात की। अपने व्हॉट्सऐप ग्रुप से मम्मी को जोड़ा, जिसमें मम्मी ने फोटो और एड्रेस भेजा। उसके बाद वह बोला कि मैम आपका रजिस्ट्रेशन हो गया है। पैसे देने होंगे। साढ़े तीन हजार सात रुपए डालने की बात कही। लेकिन, इसे मम्मी ने तीन हजार साठ रुपए समझा। मम्मी पैसा डालकर वापस आई ही थीं कि थोड़ी देर बाद फिर काॅल आ गया। कहा कि मैम आपने कम रुपए डाले हैं। ऐसे में आपका काम नहीं हो पाएगा। उसने कहा था कि जल्दी पैसा ट्रांसफर करो, ताकि प्रोसेस पूरी हो सके। उसी समय पैसा भेजने को कहा। मां ने आंचल दीदी की मदद से तुरंत पैसा खाते में डलवाया। तब तक वो मां से बात करता रहा। मां मुझे सारी बातें बताती थीं। भाई भी ये बात जानता था। हमें पापा से डर लगता है। जानते थे कि अगर उन्हें पता चल गया, तो बहुत डांटेंगे, इसलिए हमने कुछ नहीं कहा। सबको लग रहा था, घर में यह जो सिक्के हैं, इनको बेचकर हमें बहुत सारा पैसा मिलने वाला है। जब पैसा आएगा, तब सबको बताएंगे।’ मृतका के पति विनायक प्रसाद पांडे और देवर विनोद पांडे भी टीचर हैं। विनायक और रेशमा के एक बेटी और बेटा है। विनायक ने बताया- ‘रेशमा को तो मोबाइल चलाना तक नहीं आता था। अगर कोई मैसेज या परेशानी आती थी, तो पूछती थी। गांव की ही एक लड़की ने उसे अच्छे से मोबाइल चलाना सिखाया। ये सब हो रहा है, वो जानती थी। अगर वो हमें बता देती तो रेशमा की जान नहीं जाती।’ विनायक कहते हैं- रविवार को रेशमा के मोबाइल पर वीडियो कॉल आया। कॉलर ने खुद को पुलिस और आर्मी का अफसर बताया। उन्होंने कहा कि रेशमा पर आधार के जरिए एफआईआर दर्ज करने की धमकी दी। 50 हजार रुपए की मांग की। रेशमा ने आधे पैसे भेज भी दिए। लेकिन, जब उन्होंने धमकाना शुरू किया तो परेशान होकर जहर खा लिया। हम उसे अस्पताल लेकर गए, लेकिन वो छोड़कर चली गई। कलेक्टर अजय श्रीवास्तव का कहना है- ‘ लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि अनजान नंबर से कॉल आने पर फोन ना उठाएं। साइबर फ्रॉड से बचने के लिए एकमात्र उपाय अवेयरनेस है। सभी को सतर्क रहना है। ‘ यह खबर भी पढ़ें- आर्मी के नाम पर डराया, लेडी टीचर ने किया सुसाइड मऊगंज में लेडी टीचर ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली। बताया जा रहा है कि ऑनलाइन फ्रॉड से परेशान होकर उसने जान दे दी। बदमाश लगातार फोन कर उसे धमका रहे थे। कह रहे थे कि उसने चोरी का सामान मंगाया है। लगातार धमकी से महिला इतनी डर गई कि उसने बदमाशों के भेजे स्कैनर पर 22 हजार रुपए भी ट्रांसफर कर दिए थे। पढ़ें पूरी खबर

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