सनातन धर्म में पूर्णिमा का बहुत महत्व है। पौष पूर्णिमा 3 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी। पौष पूर्णिमा का दिन बहुत पवित्र और पुण्यदायी माना जाता है। नए साल की शुरुआत में पौष पूर्णिमा का विशेष संयोग बन रहा है। इस दिन गंगा स्नान, पूजा-पाठ और दान का विशेष महत्व है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पौष पूर्णिमा पर राशि अनुसार दान करने से पूरे साल धन, सुख-समृद्धि बनी रहती है। कोर्ट परिसर स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर के पुजारी अखिलेश उपाध्याय ने बताया कि पौष पूर्णिमा 2 जनवरी को शाम 6.53 से शुरू होकर 3 जनवरी दोपहर 3.32 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के अनुसार 3 जनवरी को स्नान-दान और पूजा की जाएगी। उसी दिन माघ स्नान की शुरुआत भी होगी। पौष पूर्णिमा पर दान करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित श्याम सुंदर भारद्वाज का कहना है कि इस दिन गंगा जैसी पवित्र नदियों में स्नान करने से जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं और मोक्ष मिलता है। यह साल की पहली पूर्णिमा होगी और इस दिन माघ मेले का पहला शाही स्नान भी होगा।


