भास्कर न्यूज | टंडवा कोल ट्रांसपोर्टिंग से सड़कों की हालत खराब होने पर लोगों ने बुधवार को चुंदरु धाम के पास कोल वाहनों का आवागमन ठप करा दिया। कांग्रेस नेता सह समाजसेवी सुभाष दास के नेतृत्व में दर्जनों लोग सड़क मरम्मत की मांग कर रहे थे। मांग लकड़ाही मोड़ से चुंदरु धाम तक, चुंदरु धाम से हजारीबाग जिला अंतर्गत फोर लेन के तीन मुहान तक कई जगह जर्जर सड़क की मरम्मत को लेकर थी।सड़क जाम की सूचना पर जीएम संजीव कुमार के निर्देश पर चंद्रगुप्त के पीओ भूषण कुमार जाम स्थल पहुंचे। पीओ ने पहले ट्रांसपोर्टिंग के दौरान आने वाली समस्याएं सुनीं। लोगों ने जगह-जगह बड़े गड्ढों समेत जर्जर सड़क की जल्द मरम्मत, पर्यावरण सुरक्षा के लिए सड़क की नियमित सफाई, पानी छिड़काव, सड़क दुर्घटना नियंत्रण के लिए तय गति सीमा में वाहन चलाने, जगह-जगह सुरक्षा गार्ड बहाल करने की मांग रखी। लोगों ने सड़क जाम से निजात के लिए सड़क किनारे वाहन पार्किंग नहीं करने, दोनों छोर से एक-एक लाइन में चलने की बात भी कही। सुभाष दास ने बताया कि पीओ भूषण कुमार ने मांगों को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान का आश्वासन दिया। कहा कि एक से दो दिनों के अंदर जर्जर सड़कों की मरम्मत करा दी जाएगी। सड़क किनारे बने गड्ढों को भी भरकर समतल किया जाएगा। सड़क की मजबूती और कालीकरण के लिए विभाग से एनओसी लेने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। वार्ता के बाद साढ़े चार घंटे बाद कोल वाहनों का आवागमन शुरू हो पाया। लोगों ने बुधवार सुबह 10 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक आवागमन ठप रखा था। भास्कर न्यूज | इटखोरी गुरु-शिष्य परंपरा के प्रतीक पर्व गुरु पूर्णिमा मंगलवार को इटखोरी प्रखंड के धुन्ना स्थित प्रज्ञा पीठ में धूमधाम और श्रद्धाभाव से मनाई गई। सुबह से ही पीठ परिसर में भक्तों का आना शुरू हो गया था। सैकड़ों की संख्या में परिजन और श्रद्धालु गुरु पूजा में शामिल हुए।कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और हवन-पूजन के साथ हुई। इसके बाद गुरुओं के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्वलन किया गया। भक्तों ने अपने गुरुओं के चरणों में सिर झुकाकर आशीर्वाद लिया। पूरे समय परिसर में भजन-कीर्तन की गूंज सुनाई देती रही। प्रवचन में वक्ताओं ने गुरु के महत्व और शिक्षा के आदर्शों पर प्रकाश डाला।वक्ताओं ने कहा कि गुरु ही जीवन को सही दिशा देते हैं। शिक्षा, संस्कार और चरित्र निर्माण में गुरु की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। गुरु पूर्णिमा हमें यही सीख देती है कि हम अपने जीवन में गुरु के बताए मार्ग पर चलें और समाज में सेवा, प्रेम और समरसता का भाव रखें।इस अवसर पर जय कुमार तिवारी, राजेंद्र प्रजापति, बसंत प्रसाद, लखन दांगी, गोविंद दांगी, मधुबाला, बबीता देवी, संजय रजक सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु पहुंचे। सभी ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना की।


