प्रतापगढ़ में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन चक्रव्यूह’ के तहत बड़ी कार्रवाई हुई है। अरनोद थाना पुलिस ने एमडी फैक्ट्री मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देश पर की गई। पुलिस टीम ने 5 फरवरी को जांच अधिकारी शिवलाल मीणा के नेतृत्व में शामली पठार, देवगढ़ निवासी शंकरलाल मीणा(26) को गिरफ्तार किया। शंकरलाल पर एमडी फैक्ट्री संचालन में सहयोग करने का आरोप है। गौरतलब है कि 2 फरवरी को कोतवाली पुलिस ने शहर के वाटर वर्क्स रोड पर एक किराना स्टोर और उसके पीछे बने अनाज गोदाम की आड़ में चल रही एमडी फैक्ट्री पर छापा मारा था। पुलिस ने मौके से 106 ग्राम एमडी, 114 किलो 750 ग्राम लिक्विड केमिकल और एमडी बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण जब्त किए थे। जांच में सामने आया कि यह दुकान और गोदाम हाउसिंग बोर्ड निवासी धर्मचंद मोगरा जैन और हीरा कॉलोनी निवासी रोहित जैन के हैं। छापेमारी के दौरान आरोपी रोहित मोटरसाइकिल छोड़कर फरार हो गया था, जबकि धर्मचंद जैन और उसका पुत्र यश उर्फ श्रेयांश भी मौके से भाग निकले थे। पुलिस अधीक्षक ने धर्मचंद और रोहित पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। पुलिस ने इससे पहले 25 हजार रुपए के इनामी आरोपी रोहित मोगरा को गिरफ्तार कर एनडीपीएस न्यायालय प्रतापगढ़ में पेश किया था। उसे 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था। रिमांड के दौरान रोहित से पूछताछ में शंकरलाल मीणा की संलिप्तता का खुलासा हुआ। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी शंकरलाल पिछले दो महीने से फरार आरोपी यश उर्फ श्रेयांश के साथ मिलकर एमडी तैयार कर रहा था। वे मोबाइल फोन से देखकर एमडी बनाने की प्रक्रिया अपनाते थे। शंकरलाल को इस काम के लिए रोजाना 700 रुपए दिए जाते थे। जब भी एमडी की खेप तैयार होती थी, आरोपी यश के पिता धर्मचंद मोगरा खाना लेकर आते थे और बाहरी लोगों पर नजर रखते थे।


