प्रतापगढ़ में जिला प्रशासन के निर्देश पर शुक्रवार शाम 7 बजे जिला अस्पताल के मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य इकाई (सी-विंग) में आगजनी की संभावित आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का आकलन करने के लिए एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जिला कलेक्टर डॉ. अंजली राजोरिया ने कॉल सेंटर के माध्यम से सभी संबंधित अधिकारियों को मच बैंक परिसर में आग लगने की सूचना दी। सूचना मिलते ही जिला स्तर के सभी अधिकारी अपने-अपने विभागीय संसाधनों के साथ तुरंत अस्पताल पहुंचे। जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन संभाला। अस्पताल प्रशासन ने मरीजों को आग प्रभावित क्षेत्र से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। आपदा प्रबंधन विभाग की टीम ने स्ट्रेचर और व्हीलचेयर की मदद से मरीजों को सुरक्षित रूप से भवन से बाहर निकालकर निर्धारित स्थल पर पहुंचाया। एंबुलेंस टीम ने मरीजों को अन्य अस्पतालों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया पूरी की। बिजली विभाग ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य पावर सप्लाई बंद की और आपातकालीन बिजली व्यवस्था (ड्रैगन लाइट एवं बैकअप सप्लाई) की जांच की। नगर परिषद टीम ने पानी के टैंकर और सफाई व्यवस्था की तैयारी प्रदर्शित की। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जीवराज मीणा और जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी ने पूरी मॉक ड्रिल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य आकस्मिक परिस्थितियों में सभी विभागों के बीच समन्वय और त्वरित कार्रवाई की क्षमता को परखना है, ताकि किसी वास्तविक आपदा में जनहानि से बचा जा सके। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर विजयेश कुमार पंड्या सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।


