प्रतापगढ़ में बाल विवाह की कुप्रथा को समाप्त करने के उद्देश्य से एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। राज्य सरकार और जिला कलेक्टर के निर्देशों के तहत आयोजित यह रैली जीरो माइल चौराहे से शुरू होकर वुडलैंड पार्क तक निकाली गई। इसका मुख्य लक्ष्य बाल विवाह की रोकथाम का संदेश जन-जन तक पहुंचाना था। 100 दिवसीय विशेष अभियान का हिस्सा यह रैली भारत सरकार के ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ के एक वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देशभर में शुरू किए गए 100 दिवसीय विशेष अभियान का हिस्सा थी। प्रतापगढ़ में महिला अधिकारिता विभाग द्वारा इस जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की जानकारी सहायक निदेशक, महिला अधिकारिता विभाग, नेहा माथुर ने दी। रैली को एडीजे केदारनाथ ने जीरो माइल चौराहे पर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बाल विवाह न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि यह बच्चों के भविष्य के साथ गंभीर अन्याय भी है। उन्होंने समाज के प्रत्येक व्यक्ति से इस सामाजिक बुराई के खिलाफ जागरूक होकर आगे आने का आह्वान किया। तख्तियों-बैनर से किया जागरुक इस रैली में महिला अधिकारिता विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में आमजन शामिल हुए। प्रतिभागियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर बाल विवाह रोकथाम से संबंधित नारे लगाए और लोगों को जागरूक किया। कार्यक्रम के दौरान आमजन से अपील की गई कि यदि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिले तो तुरंत संबंधित प्रशासन या हेल्पलाइन को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। रैली के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बाल विवाह मुक्त समाज ही एक सशक्त और विकसित भारत की नींव है।


