भास्कर संवाददाता | टोंक शोध कौशल को बढ़ावा देने के लिए अब राज्य का उच्च शिक्षा विभाग 108 कॉलेजों के विद्यार्थियों को देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में इंटर्नशिप करने का मौका प्रदान करेगा। इसमें टोंक का सरकारी कॉलेज भी शामिल है। यहां के भी स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थी देश के प्रतिष्ठित आईआईटी, आईआईएमएस, विज्ञान प्रौद्योगिकी के संस्थान सीएसआईआर प्रयोगशालाएं एवं केंद्रीय विश्वविद्यालय में इंटर्नशिप कर सकेंगे। इसके लिए विद्यार्थियों से उनकी रुचि के अनुरूप 250 शब्दों का लेख लिखवाया जाएगा। जिससे उनकी विषय में गहनता का पता लगाया जा सकेगा। पहले कॉलेज का पैनल चयन करेंगा। उच्च स्तर पर उनका चयन होने पर उनको इंटर्नशिप का मौका मिल पाएगा। राज्य में इसके तहत 900 छात्र-छात्राओं का चयन होगा। इसमें 400 विज्ञान, 400 कला एवं 100 विद्यार्थियों को वाणिज्य संकाय से मौका मिल सकेगा। महाविद्यालय प्राचार्य प्रोफेसर लोकेश शर्मा ने बताया कि यह योजना प्रदेश के 108 सरकारी कॉलेज के लिए है जिसमें से टोंक कॉलेज भी शामिल है। कॉलेज रिसर्च एड एडवाइजरी सेल प्रभारी डॉ गजेंद्र सिंह ने बताया कि प्रीमियर रिसर्च इंटर्नशिप फॉर मेरिट एंड एक्सीलेंस योजना राजस्थान सरकार की शोध कौशल को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है। जिसके अन्तर्गत सरकारी कॉलेज के कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकायों के स्नातक,स्नातकोत्तर विद्यार्थी 4 से 8 सप्ताह के लिए देश के सर्वोच्च संस्थानों में जाकर इंटर्नशिप कर सकेंगे। इस के लिए प्रत्येक विषय के लिए निर्धारित सीटें आवंटित की गई है तथा प्रत्येक इंटर्नशिप पूर्ण करने वाले विद्यार्थी को 8000 से 16000 रुपए तथा यात्रा भत्ता सरकार द्वारा दिया जाएगा। कॉलेज के सेमिनार हॉल में प्राचार्य प्रो. लोकेश कुमार शर्मा की अध्यक्षता में शोध सलाहकार समिति, शोध पर्यवेक्षकों एवं विभागाध्यक्षों की मीटिंग आयोजित की गई। इसमें योजना की गाइडलाइन एवं सफल क्रियान्विति के लिए विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। प्राचार्य डॉ. शर्मा ने बताया कि राजकीय महाविद्यालयों के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण योजना है। जिससे विद्यार्थियों में शोध, नवाचार कौशल एवं रोजगार परखता का सृजन करने में महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।


