प्रत्यक्षदर्शी: भगदड़ में कुचल गई, बचने के लिए दीवार से छलांग लगाई तो हाथ फट गया

घायल 50 वर्षीय संता ने बताया कि धुआं देख पीपलवा से लोगों के साथ वहां गई। इसी दौरान धमाका हुआ तो सभी दौड़ने लगे। लोगों ने उसे कुचल दिया। वह जान बचाने के लिए एक दीवार फांद गई तो हाथ फट गया। हादसे के बाद मौके पर आसपास की फैक्ट्रियों में काम कर रहे मजदूर भी मौके पर जमा हो गए। एक श्रमिक ने बताया कि वह तो अब तक यही मान रहा था कि यहां एक अगरबत्ती का गोदाम है। हमें भी यही बताया था। भीतर बारूद जमा कर रखा है, यह तो आज पता चला। गोदाम पर अक्सर ताला लगा रहता था। हाल ही ऊंची दीवारें भी बनाई थी। बाहर से अंदर नहीं देख सकते। हादसे में झुलसे युवक विदेश ने बताया कि वह पास के ही प्लॉट में मार्बल स्लरी में काम करता है। धमाका हुआ तो मदद के लिए पहुंचा, लेकिन वह खुद ही झुलस गया। बांसवाड़ा. अस्पताल में उपचाररत हादसे में घायल युवक और बच्चा। अवैध तरीके से बारूद जमा कर रखा था, जांच शुरू कर दी ^हमें रीको प्रबंधन की ओर से शिकायत मिली है। गोदाम में अवैध रूप से बारूद जमा कर रखी थी। मौके पर पटाखों के फार्मा भी मिले हैं। आशंका है कि यहां पटाखें बनाए जा रहे थे। फिलहाल गोदाम मालिक और इसे किराए पर लेने वाले दोनों व्यक्तियों के खिलाफ अवैध तरीके से विस्फोटक सामग्री रखने के आरोप में शिकायत दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। -हर्षवर्धन अग्रवाला, एसपी भास्कर संवाददाता | बांसवाड़ा जिले में सबसे बड़े रीको क्षेत्र पीपलवा और ठीकरिया में करीब 400 प्लॉट उद्योगों के लिए आवंटित हैं। कहने को तो इन सभी पर उद्योग चल रहे हैं, लेकिन जिन्हें आवंटित हुए हैं उनके नहीं हैं। करीब 30% प्लॉट किराए पर हैं। इनमें भी कई ऐसे प्लॉट हैं, जिन पर कोई भी उद्योग नहीं चल रहा है। किराए के प्लॉट पर चल रहे ज्यादातर उद्योगों के बारे में रीको कार्यालय को जानकारी ही नहीं दी गई है। ऐसे ही अवैध रूप से पटाखा फैक्ट्री चल रही थी। गुरुवार को हुए हादसे के बाद अब रीको कार्यालय की ओर से जांच की जाएगी। यह पता किया जाएगा कि कितने उद्योग वही चल रहे हैं, जिन्हें आवंटन हुआ था और कितने ऐसे उद्योग हैं, जो किराए पर हैं। संबंधित प्लॉट के मालिक ने उसके बारे में कार्यालय को जानकारी दी है या नहीं। इसी तरह रीको ठीकरिया में करीब 250, पीपलवा में 150 और परतापुर में 10 प्लॉट उद्योगों के लिए आवंटित किए गए हैं। {यह 14 लोग झुलसे: पीपलवा निवासी 55 वर्षीय रकिया पुत्र भूलिया आदिवासी, 60 वर्षीय संता पत्नी रकमा, 18 वर्षीय अजय पुत्र शंकरलाल, 18 वर्षीय पवन पुत्र नरबा, 17 वर्षीय अनिल पुत्र मनीष, 30 वर्षीय मोतीलाल पुत्र भरजी, 26 विदेश पुत्र जगदीश, 5 वर्षीय ब्रजेश पुत्र संजय, 8 वर्षीय विक्रम पुत्र कांतिलाल, 17 वर्षीय गोविंद, केशु पुत्र कालिया, भूंगड़ा के सोमपुरा क्षेत्र निवासी 27 वर्षीय संजय पुत्र प्रभूलाल, चिब खेरडाबरा के रहने वाले 25 वर्षीय कल्पेश पुत्र कालू घायल हो गए। इनमें संजय, गोविंद और कल्पेश को उदयपुर रैफर किया। संजय 60% तक झुलस चुका था।

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