सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र के परसोढ़ी गांव में अमेरा कोयला खदान विस्तार को लेकर 6 महीनों से चल रहा ग्रामीणों का धरना बुधवार को अचानक हिंसक हो गया। खदान के पास चल रहे अनिश्चितकालीन आंदोलन को समाप्त कर ग्रामीणों को हटाने बुधवार सुबह बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ जब प्रशासनिक अधिकारी खदान के पास पहुंचे। बातचीत के दौरान पुलिस ने जबरन आंदोलन स्थल खाली कराने की कोशिश की तो ग्रामीण आक्रोशित हो गए और पुलिस पर पथराव शुरू कर गुलेल से भी हमला कर दिया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी स्थिति को नियंत्रित करने आंसू गैस के गोले दागे और ग्रामीणों को खदान क्षेत्र से खदेड़ने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण खदान में ही डटे रहे। इस दौरान दोनों ओर से झड़प हो गई। इसमें एएसपी अमोलक सिंह ढिल्लो, एसडीओपी तुल सिंह, थाना प्रभारी मनीष परिहार सहित 26 से अधिक पुलिसकर्मी और लगभग 14 ग्रामीण घायल हो गए। इसे लेकर दो घंटे तक वहां तनाव का माहौल बना रहा। अब तक किसी पर मामला दर्ज नहीं हुआ है। तनाव को देखते हुए पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। 15 साल से जंगल बचाओ आंदोलन चला रहे ग्रामीण
सरगुजा में खदानों के विस्तार, जंगलों की कटाई और भूमि अधिग्रहण को लेकर आदिवासी ग्रामीण संघर्ष कर रहे हैं। उदयपुर में 15 वर्षों से ग्रामीण जंगल बचाओ आंदोलन चला रहे हैं। अमेरा खदान विस्तार का विरोध भी शामिल है। ग्रामीणों को मुआवजा दिया, जमीन नहीं छोड़ रहे
जीएम संजय सिंह ने कहा कि परसोढ़ी कला में खदान विस्तार होना है। भूमि पर ग्रामीणों को मुआवजा दिया जा चुका है। कई ग्रामीण मुआवजा राशि ले चुके हैं। बावजूद ग्रामीण जमीन छोड़ने को तैयार नहीं हैं। 235 में सिर्फ 16 ग्रामीणों ने ही लिया है मुआवजा
235 में सिर्फ 16 ग्रामीणों ने ही लिया है मुआवजा, बाकी विरोध में एसईसीएल के अनुसार खदान विस्तार से 235 ग्रामीण प्रभावित हैं, अब तक 16 लोगों ने मुआवजा लिया है, जबकि बाकी ग्रामीण जमीन छोड़ने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि न तो वे मुआवजा लेंगे और ना ही नौकरी।


