मानसून विदा होने के बाद भी अक्टूबर में चौमासे-सी बारिश की झड़ी लगी है। सीकर, जयपुर, कोटा, अलवर, चूरू सहित एक दर्जन से अधिक शहरों में तेज बारिश का दौर चला। सीकर में 69, चितौड़गढ़ में 100, हनुमानगढ़ में 67, कोटा में 36, अलवर में 36, चूरू में 25 मिमी बारिश हुई। तेज बारिश के चलते जयपुर, सीकर शहर में मुख्य इलाकों में जलभराव होने से परेशानी हुई। बीकानेर में ओले गिरे। पोस्ट मानसून से ज्यादातर शहरों का पारा 8 से 11 डिग्री तक लुढ़क गया। दिन में सर्दी का अहसास होने लगा। 15 शहरों में अधिकतम पारा 30 डिग्री से नीचे आ गया। 40 की रफ्तार से हवा चली पश्चिमी विक्षोभ का असर जयपुर, बीकानेर, भरतपुर, कोटा, अजमेर, जोधपुर, उदयपुर संभाग में सबसे ज्यादा रहा। कई जिलों में 30 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। फसलों को नुकसान बीकानेर| बीकानेर के पूगल में शाम को ओलावृष्टि शुरू हो गई। तेज हवाओं के साथ ओले गिरने से ग्वार की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई। पूरे खेत में ओलों की सफेद चादर बिछ गई। बारिश से मूंग और मोठ की फसल को भारी नुकसान होगा। फसल भीगने से पैदावार भी गिरने की भी संभावना है। कल से राहत की उम्मीद उत्तर भारत पर एक्टिव हुए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के असर से बारिश हो रही है। इस सिस्टम का असर अगले चौबीस घंटे रहेगा। इसके बाद बुधवार से राज्य के अधिकांश भागों में बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी। अगले एक सप्ताह के दौरान अधिकांश भागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है और पारा बढ़ोतरी का अनुमान है।


