प्रधानमंत्री किसान निधि योजना में किसानों की जाने वाली सहायता राशि में भारी गड़बड़ी का मामला सामने आया है। हैकर ने मारवाड़ जंक्शन और रानी ब्लॉक की पीएम किसान आई हैक कर 9068 ऐसे लोगों के एकाउंट में करोड़ों रुपए ट्रांसफर कर दिए। जो किसान है ही नहीं। जिनमें ज्यादारत बिहार-बंगाल के किसान के एकाउंट में राशि ट्रांसफर की गई। यह मामला मारवाड़ जंक्शन और रानी ब्लॉक के भौतिक सत्यापन में पकड़ा गया। ऐसे में रानी और मारवाड़ जंक्शन के तहसीलदार ने संबंधित थानों में मामले दर्ज करवाए है। यह फर्जीवाड़ा 2019 से 2023 तक चलता रहा। इसके बाद भुगतान रोक दिया गया है। मारवाड़ जंक्शन तहसील के आसन घांचियान गांव में अमीर खान मंसूरी, मेहराज खान मेव जैसे नाम का कोई व्यक्ति नहीं रहता। बल्कि एक सौ घर की आबादी वाले इस गांव में एक भी घर मुस्लिम समुदाय का नहीं है। अनजी की ढाणी में कोई रहमान या सद्धाम नाम का व्यक्ति नहीं रहता। ऐसे ही भगोड़ा गांव में कोई सोनू कुमार सैनी या वीरसिंह मीना नहीं रहते। रानी तहसील के सिवास गांव में लिपिक सरकार अथवा रॉबिन झा भी नहीं रहते। ऐसे नाम से हर साल 6 हजार रुपए का भुगतान उठाया गया। रिपोर्ट में संदेह है कि यूपी-बिहार, वेस्ट बंगाल व हरियाणा के मेव-मेवात के साइबर ठगों पर है। ऐसे लोगों की संख्या और रुपयों का आंकड़ा बढ़ सकता है, क्योंकि यह आंकड़ा तो उन गांवों का है, जहां संदेह होने पर प्रशासन नें गांवों में जाकर भौतिक सत्यापन किया। अभी काफी सारे संदिग्ध किसानों के नाम-एड्रेस का भौतिक सत्यापन चल रहा है। योजना में हर चार महीने में 2000 रुपए की तीन किस्तों में सीधे खाते में भुगतान होता है। अमीर खान मंसूरी, मेहराज खान, रईसा, शरीफ जैसे 15 ऐसे नाम हैं, जिनके आधार कार्ड में एड्रेस यूपी के मुजफुराबाद, बलरामपुर, शिकोहाबाद का है। इनके नाम से मारवाड़ जंक्शन के आसन घांचियान गांव की सरहद में फर्जी खातेदारी व राजस्व रिकार्ड से 10 से 15 बीघा जमीन दिखाकर फायदा लिया गया। इन 15 लोगों ने हर साल 6-6 हजार रुपए अपने खातों से विड्रॉ किया। ऐसा चार साल से चल रहा था, जिसे राजस्व विभाग ने जनवरी, 2024 से बंद कराया। सिरियारी इलाके के बारातों का ओडा गांव में डेढ़ सौ की जनसंख्या में रावत समाज के अलावा कोई नहीं रहता है। इस गांव में जुगराज मीणा, विनीता मीणा, भूरी बाई 5 खातेदारों ने हर साल 6 हजार रुपए का ऑनलाइन विड्रॉ किया। इन खातेदारों के आधार कार्ड में एड्रेस भरतपुर के मेव इलाका बताया गया। रानी तहसीलदार मनोहरसिंह बालोत व मारवाड़ जंक्शन तहसीलदार दीपक सांखला की ओर से दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि वर्ष 2019-20 से 23 तक दोनों ब्लॉक में योजना में 40-50 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। भौतिक सत्यापन किया गया तो पता चला कि 2 हेक्टेयर या इससे कम जमीन वाले इतने किसान इलाके में नहीं हैं।


