सिख पंथ के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह का प्रकाश पर्व पांच दिवसीय धार्मिक कार्यक्रमों के साथ 23 दिसंबर से शुरू हो गया है। इस अवसर पर बुधवार सुबह शहर के सभी गुरुद्वारों से प्रभात फेरियां निकाली गईं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। गुरुद्वारों में दिनभर कथा और कीर्तन के कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। सिख को प्रत्येक दिन करना चाहिए गुरबाणी का पाठ
सिख समाज के संभागीय प्रवक्ता एसएस नारंग ने गुरबाणी की व्याख्या करते हुए बताया कि प्रत्येक सिख को प्रतिदिन गुरबाणी का पाठ करना और सुनना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह शरीर परमात्मा का दिया हुआ है, इसलिए गुरु के बताए मार्ग पर चलते हुए ईश्वर के नाम का ध्यान करना चाहिए। आयोजन श्रृंखला में 25 दिसंबर को दोपहर 2:30 बजे से नगर कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के उपलक्ष्य में शौर्य यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा सुबह 10 बजे गुरुद्वारा सुख सागर से शुरू होकर गुरुद्वारा माता गुजरी बुधवारिया पर समाप्त होगी। इस अवसर पर गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष इकबाल सिंह गांधी, संभागीय अध्यक्ष सुरजीत सिंह डंग, गुरु सिंह सभा के महासचिव जसविंदर सिंह ठकराल और गुरुद्वारा श्री दशमेश दरबार के प्रभारी जसवंत सिंह मक्कड़ सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।


