जय हिंद सर, गोरखपुर अनुभागीय नियंत्रण कक्ष द्वारा मुख्यालय नियंत्रण कक्ष को अवगत कराया है कि आज सुबह 10.05 बजे प्रयागराज कंट्रोल रूम में विशेष नंबर फोन आया है।
सूचना प्राप्त हुई कि 15018 काशी एक्सप्रेस और 11072 कामायनी एक्सप्रेस में बम है। काशी एक्सप्रेस का अगला स्टॉपेज औड़िहार थाना जीआरपी मऊ एवं कामायनी वर्तमान में कटनी मध्यप्रदेश में है। जीआरपी कंट्रोल रूम मध्यप्रदेश को अवगत कराया है। सादर सूचनार्थ नार्थ।
कंट्रोल रूम भोपाल को गोरखपुर से मैसेज मिलते ही जीआरपी, आरपीएफ और रेलवे अधिकारी हरकत में आए। बीना आरपीएफ को मैसेज दिया कि कामायनी 11.30 बजे बीना पहुंच रही है। ट्रेन में बम की सूचना है। यात्रियों को बाहर उतारो और सर्च कराओ। यह सूचना आरपीएफ ने एसडीएम देवेंद्र प्रताप और एसडीओपी नितेश पटेल को दी।
अधिकारियों ने तुंरत मैसेज एसपी और कलेक्टर दिया। चर्चा के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी स्टेशन पहुंचे। अधिकारियों ने प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर खड़ी ट्रेन के सभी 22 कोच खाली कराए। यात्रियों को सामान ट्रेन में छोड़कर प्लेटफॉर्म से बाहर जाने का आदेश दिया। दोपहर 1.30 बजे सागर से बम निरोधक दस्ता पहुंचा। इसमें शामिल बम विशेषज्ञ संजय पांडेय, मनोज विश्वकर्मा, हेमंत त्रिपाठी और निरंजन दांगी ने विशेष उपकरणों से ट्रेन में बम की करीब दो घंटे तक तलाश की। जिसके बाद विशेषज्ञों ने कहा कि ट्रेन सेफ है।
विशेषज्ञों ने सहायक स्टेशन प्रबंधक डीके जैन के नाम से सेफ सर्टिफिकेट जारी कर ट्रेन चलाने की अनुमति दी। अधिकारियों ने लाइन से ट्रेन में चढ़ाए यात्री
सर्च के बाद दोपहर 3.30 बजे एनाउंसमेंट किया कि यात्री एक-एक करके सीट पर पहुंच जाएं। भीड़ होने से अधिकारियों ने खड़े होकर लाइन से यात्रियों को चढ़ाया।
स्टेशन के बाहर और छोटी बजरिया में एनाउंसमेंट कराया कि कामायनी में सफर करने वाले यात्री यदि बाहर हैं तो वह तुरंत अपनी सीट पर पहुंच जाएं, सभी यात्रियों के सवार होने के बाद दोपहर 3.55 बजे ट्रेन गंतव्य के लिए रवाना कर दी। सीएनडब्ल्यू विभाग ने गैस कटर से काटी रेलिंग
प्लेटफॉर्म 1 के बाजू में लगी रेलिंग के कारण यात्री बाहर नहीं निकल पा रहे थे। इसके चलते अधिकारियों ने रेलवे को रेलिंग हटाने का आदेश दिया। स्टेशन प्रबंधन वाणिज्य आशीष अवस्थी, पार्सल अधिकारी सुशील पांडेय ने सीएनडब्ल्यू विभाग को सूचना देकर तुरंत रेलिंग हटवाई। गैस कटर से अलग-अलग करीब चार जगहों पर जाली काटकर हटा दी। इसके बाद यात्रियों को प्लेटफॉर्म के बाहर किया। सूचना के बाद छावनी में तब्दील हुआ प्लेटफॉर्म
वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर बीना एसडीओपी नितेश पटेल, खुरई एसडीओपी सचिन परते, बीना टीआई अनूप यादव, आगासौद टीआई नितिन पाल सिंह, आरपीएफ एसओ कमल सिंह, जीआरपी निरीक्षक बीबीएस परिहार सहित लगभग 200 आरपीएफ के जवान और पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए। प्लेटफॉर्म नंबर एक पुलिस ने अपने नियंत्रण में ले लिया। कामायनी एक्सप्रेस में सवार थे 3350 यात्री
कामायनी एक्सप्रेस के 8 एसी कोच में 1200, 9 स्लीपर कोच में 1550 और तीन जनरल कोच में करीब 600 यात्री थे। ट्रेन की तलाशी लेने के लिए सभी यात्रियों को ट्रेन के बाहर कर दिया। इस दौरान बच्चों और बुजुर्गों को कुछ हद तक दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ट्रेन सर्च होने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली और रेलवे अधिकारियों का धन्यवाद देते हुए रवाना हो गए। अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई चली आरपीएफ से ट्रेन में बम होने का मैसेज मिला था, यह सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। अधिकारियों के मार्ग दर्शन में ट्रेन सर्च कराई गई। ट्रेन में किसी तरह की संदिग्ध चीज न होने के कारण शाम को ट्रेन रवाना करा दी गई। देवेंद्र प्रताप सिंह, एसडीएम, बीना


