भास्कर न्यूज| अमृतसर जिला प्रशासन ने टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 60000 लोगों का सर्वे कराया है, जिसमें 5 हजार मरीजों की पहचान कराई जा चुकी है। जिनके इलाज को लेकर 21 माइक्रोस्कोपी तो 11 टीबी यूनिट कार्यरत हैं। जहां नि:शुल्क दवाएं उपलब्ध कराई जा रही। वहीं डीसी साक्षी साहनी ने टीबी मरीजों को भोजन-दवाएं उपलब्ध कराने के लिए वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने बताया कि 100 दिनों तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। पांच हजार टीबी मरीजों में 1700 का उपचार व भोजन उपलब्ध कराने को लेकर प्रशासन गोद ले चुका है। सिविल सर्जन डॉ. किरणदीप कौर ने कहा कि ‘जन जन दा राखे ध्यान’, टीबी मुक्त भारत अभियान के सपने को साकार करने के लिए जमीनी स्तर पर काम किया जा रहा है। ताकि जिले को 2025 तक टीबी मुक्त बनाया जा सके। जागरूक करने के लिए पंपलेट भी बांटे जा रहे हैं। डॉ. विजय कुमार ने बताया कि सिविल अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, गेट खजाना, बेरी गेट, बाबा बकाला साहिब, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लोपोके, मानांवाला, तरसिक्का, मजीठा, वेरका, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामदास, राजासांसी, थ्रीवाल, कथुनंगल, श्री गुरु रामदास मेडिकल कॉलेज, गुरु नानक देव अस्पताल, सैटेलाइट अस्पताल, सकत्तरी बाग, बीबी कौलां चैरिटेबल में टीबी मरीजों के लिए नि:शुल्क उपचार व दवाएं उपलब्ध कराई जा रही है। टीबी के लक्षण वाले मरीजों का तुरंत इलाज शुरू कर दिया गया है। डीसी साहनी ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने स्वास्थ्य विभाग को टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत घर-घर स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए हैं। मरीजों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। मरीज का इलाज छह महीने तक चलता है। लोग इस बीमारी को छुपाएं नहीं प्रशासन की तरफ से जारी हेल्पलाइन नंबरों या फिर नजदीकी अस्पताल में संपर्क कर सकते हैं। इस मौके पर नोडल अफसर डॉ. जसकीरत सिंह, अमरदीप सिंह व अन्य मौजूद रहे।


