भास्कर न्यूज | जशपुरनगर जशपुर जिले में बागवानी क्षेत्र को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने और प्रशिक्षित माली तैयार करने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केन्द्र डूमरबहार में गुरुवार को राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजनांतर्गत माली प्रशिक्षणार्थियों का विशेष भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में प्रशिक्षुओं को बागवानी की आधुनिक तकनीक, प्राकृतिक खेती के उपाय और मशरूम उत्पादन की व्यावहारिक जानकारी दी गई। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. राकेश भगत ने प्रशिक्षणार्थियों का प्रक्षेत्र में मार्गदर्शन किया। उन्होंने बताया कि बदलते समय में वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाना न केवल उत्पादन बढ़ाने के लिए आवश्यक है, बल्कि इससे किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों और माली को नई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित करना है, जिससे वे सीमित संसाधनों में भी अधिक लाभ अर्जित कर सकें। प्रशिक्षणार्थियों को केन्द्र की फलदार मातृवाटिका का भ्रमण कराया गया, जहां आम, अमरूद, लीची और नींबू की उन्नत किस्मों के पौधों में ग्राफ्टिंग और गुटी विधि की तकनीक विस्तार से समझाई गई। प्रशिक्षणार्थियों को बताया गया कि इन तकनीकों से पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और सीमित भूमि में अधिक उत्पादन संभव होता है। साथ ही, उर्वरक प्रबंधन और टपक सिंचाई प्रणाली के माध्यम से फलदार पौधों के बीच सब्जी फसलों की अंतर्वर्तीय खेती करने की विधि भी सिखाई गई। इससे जमीन का सर्वोत्तम उपयोग संभव होता है। बीज उत्पादन व फसल प्रबंधन की जानकारी भ्रमण के दौरान प्रशिक्षणार्थियों ने बीज उत्पादन कार्यक्रम का अवलोकन भी किया। उन्हें गेहूं और अलसी फसलों में अपनाई जा रही आधुनिक सस्य क्रियाओं और संतुलित पोषण प्रबंधन की तकनीक से अवगत कराया गया। इसके अलावा, रोग नियंत्रण और जैविक उपायों पर विशेष जोर दिया गया। प्रशिक्षुओं को जैविक खाद और कीटनाशकों जैसे जीवामृत, नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र और अग्निअस्त्र तैयार करने और उनका संतुलित उपयोग करने की विधि सिखाई गई। कम समय में अधिक आय देने वाला व्यवसाय बना मशरूम बता दें कि प्रशिक्षणार्थियों ने केन्द्र में स्थापित जिले की एकमात्र मशरूम स्पॉन उत्पादन इकाई का भी दौरा किया। यहां उन्हें वैज्ञानिक तरीके से स्पॉन तैयार करने की प्रक्रिया, मशरूम की खेती के चरण और उत्पादन तकनीक का विस्तार से ज्ञान दिया गया। डॉ. भगत ने बताया कि मशरूम उत्पादन कम समय में अधिक आय देने वाला व्यवसाय बनकर उभर रहा है और इसे अपनाने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण के अवसर बढ़ सकते हैं।


