सरगुजा जिले के कुन्नी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव पीड़ा से जूझ रही प्रसूता का हॉस्पिटल के स्वीपर ने प्रसव कराने की कोशिश की। हॉस्पिटल में न तो डॉक्टर मौजूद थे, न ही नर्स। प्रसव के दौरान बच्चा फंसा तो सूचना मिलने पर डॉक्टर हॉस्पिटल पहुंचे। प्रसव के दौरान बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने मामले में डॉक्टर व नर्सों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मामला लखनपुर ब्लॉक का है। जानकारी के मुताबिक, कुन्नी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मैनपाट अंतर्गत सुपलगा निवासी प्रसूता गौरी यादव को 16 फरवरी की रात 11 बजे एडमिट कराया गया था। गौरी यादव का विवाह सुपलगा निवासी सूरजमल यादव के साथ हुआ था। वह कुछ दिनों से अपने मायके ग्राम जमदरा में रह रही थी। हॉस्पिटल में भर्ती होने के बाद डॉक्टर एवं नर्स नहीं थे। प्रसव पीड़ा से तड़प रही गौरी यादव का 17 फरवरी की सुबह 7 बजे स्वीपर श्यामपति द्वारा प्रसव कराया जा रहा था। प्रसव के दौरान बच्चा फंस गया। इसकी सूचना पर स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर देव कुमार साहू और नर्स हॉस्पिटल पहुंचे। बच्चे को बाहर निकाला गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। परिजनों ने कहा-डॉक्टर, नर्स की लापरवाही
नवजात की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टर व नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाया है। प्रसूता गौरी यादव का यह पहला प्रसव था। नवजात के शव को कुन्नी में ही दफन किया गया। प्रसूता को वापस छोड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने वाहन भेजी थी। एक डॉक्टर, एक नर्स के भरोसे हॉस्पिटल
कुन्नी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक मेडिकल ऑफिसर एवं चार नर्स पोस्टेड हैं। तीन नर्सें मेडिकल लीव पर हैं। वर्तमान में हॉस्पिटल एक डॉक्टर एवं एक नर्स के भरोसे संचालित है। सरगुजा सीएमएचओ डा. पीएस मार्को ने बताया कि तीन नर्सों में एक प्रेग्नेंट होने के कारण प्रसूती अवकाश पर है। दो अन्य नर्सें भी मेडिकल कारणों से अवकाश पर हैं। CMHO बोले-लखनपुर ले जाने कहा था
सरगुजा CMHO डा. पीएस मार्को ने कहा कि मामले में लापरवाही नहीं हुई है। एक ही डॉक्टर एवं एक स्टॉफ नर्स अपनी ड्यूूटी पूरी कर चुके थे। डॉक्टर वहीं रहकर सेवा दे रहे हैं। रात को प्रसूता को हॉस्पिटल लाया गया तो स्टॉफ ने डॉक्टर व नर्स नहीं होने की जानकारी देते हुए प्रसूता को लखनपुर ले जाने कहा गया था। परिजनों ने कहा कि वे सुबह लेकर जाएंगे। CMHO डा. मार्को ने कहा कि प्रिग्नेंसी के दौरान प्रसूता की कोई जांच परिजनों ने नहीं कराई थी। सोनोग्राफी तक नहीं हुई थी। बच्चा उल्टा था। इसकी जानकारी भी प्रसव के दौरान मिली। इसमें हॉस्पिटल स्टॉफ की लापरवाही नहीं कही जा सकती। CMHO ने कहा कि हॉस्पिटल में डॉक्टर व नर्स की पदस्थापना के लिए पहल की जा रही है। एनएचएम से भी नर्सों के पदस्थापना की कोशिश की जाएगी।


