प्रिंसिपल से विधायक बोले- तुम्हें अक्ल है या नहीं:सिंधिया और सीएम की गजब की जुगलबंदी, जमकर लगाए ठहाके; विजयवर्गीय ने सुनाया दुखड़ा

मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे दैनिक भास्कर ऐप पर मिलेगा। हूटर पर कार्रवाई के लिए ऐसा तर्क कि लगे ठहाके
राजगढ़ में कांग्रेस भाजपा नेताओं की गाड़ियों पर लगे हूटर की शिकायत लेकर एसपी के पास पहुंची और इन पर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान ऐसा तर्क दिया गया, जिसे सुनकर एसपी समेत वहां मौजूद तमाम लोगों की हंसी छूट गई। कांग्रेस जिला अध्यक्ष और पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह ने कहा कि हूटर की तेज आवाज से गांवों में भैंसें भड़क जाती हैं। उन्होंने जिला पंचायत सदस्य यशवंत गुर्जर को बुलाकर पूछा, जिस पर उन्होंने कहा कि हूटर बजने के बाद से भैंसों ने दूध देना बंद कर दिया है। यशवंत गुर्जर ने बताया कि उनके गांव लिंबोदा में भाजपा नेता की गाड़ी में लगा गोपनीय हूटर हर शाम तेज आवाज में बजता है। कांग्रेस नेता प्रियव्रत सिंह ने राजगढ़ और खिलचीपुर के विधायकों, जनपद अध्यक्ष समेत कुछ अन्य जनप्रतिनिधियों की गाड़ियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ये वाहन हर रोज सड़कों पर चलते हैं और पुलिस को दिखाई देते हैं, फिर भी इन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। विजयवर्गीय बोले- राज्यों के बजट की हालत खराब
मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना जैसी फ्री बिज योजनाएं क्या सरकारी खजाने पर भारी पड़ रही है। ये सवाल इसलिए क्योंकि नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कुछ ऐसा ही बयान दिया। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि राज्यों के बजट की हालत बहुत खराब हो गई है। हमने राजनीतिक मजबूरी के कारण जो घोषणाएं कर दी है, उससे थोड़ी तकलीफ है। हमें केंद्र की तरफ देखना पड़ रहा है। विजयवर्गीय राज्यों के नगरीय विकास मंत्रियों की बैठक में बोल रहे थे। लेकिन उन्हें हाथों हाथ झटका भी लगा। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि एक स्वर जो बार-बार निकलता है कि आए हो तो क्या लाए हो जाओगे तो क्या देकर जाओगे। ये स्वर बंद करना पड़ेगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि व्यवस्थाएं अपनी-अपनी खड़ी करनी पड़ेगी। प्रदेशों को अपने पैरों पर खड़ा होना ही होगा। मंत्री ने साफ कर दिया कि हम मदद कर देंगे, बाकी आपका काम आप जानो।
खरी बात ये है कि सीएम डॉ. मोहन यादव अक्सर मंच से कहते हैं कि पैसे की कोई कमी नहीं है। वहीं दूसरी ओर विजयवर्गीय खजाने की माली हालत कमजोर बता रहे हैं। तो फिर सच्चाई क्या है? वैसे ये पब्लिक है, ये सब जानती है। बच्चों के सामने ही प्रिंसिपल पर भड़क गए विधायक
झाबुआ जिले के थांदला में एक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र पर स्थानीय कांग्रेस विधायक वीर सिंह भूरिया का नाम नहीं छापा गया तो वे भड़क गए। उन्होंने स्कूल में ही बच्चों के सामने प्रिंसिपल की क्लास लगी दी। विधायक ने कहा- हम मर थोड़ी गए, वर्तमान में विधायक हैं। हमारा नाम तक नहीं लिखा। प्रोटोकाल का पालन तक नहीं किया। उन्होंने प्रिंसिपल को कहा कि तुम प्रिंसिपल हो, तुम में अक्ल है कि कौन आदमी है। विधायक ने इस मामले को लेकर कलेक्टर और विधानसभा तक में शिकायत करने की बात कही और फिर नाराज होकर कार्यक्रम से चले गए। विधायक का कहना है कि कार्ड पर मंत्री निर्मला भूरिया समेत भाजपा नेताओं के नाम छापे गए, लेकिन उनका नहीं। ये जनप्रतिनिधि का अपमान है। खरी बात ये है कि लोग कहते हैं नाम क्या रखा है। लेकिन नाम में बहुत कुछ रखा है भाई। खासकर राजनीति में तो और रखा है। नाम ही नहीं तो कैसी नेतागिरी। शायद इसलिए नेता जी भड़क गए। मंच पर सीएम यादव और सिंधिया की जुगलबंदी
इंदौर में एक कार्यक्रम में सिंधिया और सीएम डॉ. मोहन यादव की जुगलबंदी देखने को मिली। मंच पर दोनों नेता कभी हंसते, कभी हाथ मिलाते नजर आए। जिसने कार्यक्रम में हर किसी का ध्यान खींचा। अब लोग अपने-अपने हिसाब से इसके मायने निकाल रहे हैं। इसमें खरी बात ये कि राजनीति में इन दोनों नेताओं का अपना-अपना बड़ा कद है। जिसे बरकरार रखने के लिए ऐसी केमिस्ट्री जरूरी भी है और मजबूरी भी है। इनपुट सहयोग – मनीष सोनी (राजगढ़), संजय पी लोढ़ा (झाबुआ), बृजेंद्र मिश्रा (भोपाल), अभिषेक दुबे (इंदौर) ये भी पढ़ें –
मंत्री विजयवर्गीय से बोले दिग्विजय- धन्यवाद ‘कलाकार’ जी: पब्लिक के आगे बाल्टी पर बैठे डिप्टी कमिश्नर विधानसभा में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह की जमकर तारीफ की तो दिग्विजय सिंह ने हाथों हाथ अपने अंदाज में उन्हें शाबाशी दे डाली। दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर विजयवर्गीय के लिए लिखा- धन्यवाद ‘कलाकार’ जी। पूरी खबर पढ़ें

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