प्रिय अन्नदाता:मैथी-धनिया में छाछ्या रोग दिखे तो दवा का छिड़काव करें

प्रिय अन्नदाता इन दिनों नमी व ठंड को देखते हुए गेहूं व जौ की रोगग्राही किस्मों में पीली रोली रोग का प्रकोप हो सकता है। रोगग्रस्त पत्तियों की ऊपरी सतह पर पीले नारंगी रंग के उभरे हुए फफोले धारियों के रूप में दिखते हैं। किसानों को इन दिनों गेहूं व जौ की फसलों पर विशेष नजर बनाए रखनी चाहिए। फसल में रोली रोग के लक्षण दिखे तो टेबुकोनाजोल 25. 90 प्रतिशत ई.सी. या प्रोपीकोनाजोल 25 प्रतिशत ई.सी. नामक कवकनाशी दवा के 0.1 प्रतिशत घोल अर्थात एक मिली लीटर दवा प्रति लीटर पानी की दर से घोल बनाकर छिड़काव करना चाहिए। आवश्यक हो तो 15 दिन के अन्तराल से एक छिड़काव और करना चाहिए। लहसुन की पत्तियां चमकीली सफेद चकतेदार दिखे तो यह उपयोग करें लहसुन की फसल में पर्णजीवी (थ्रिप्स) के प्रकोप से पत्तियों में हरे पदार्थ की कमी हो जाती है और वे चमकीली सफेद चकतेदार दिखाई देती है। ज्यादा प्रकोप होने पर पत्तियों के ऊपरी भाग मुड़कर सूख जाते हैं। इसके नियंत्रण के लिए पहली बार प्रकोप होते ही डायमिथोएट 30 ई.सी. का एक मिलीलीटर प्रति लीटर से छिड़काव करें। मैथी में छाछ्या व मोयला कीट रोकने का उपाय : मैथी में छाछ्या रोग व मोयला कीट के कार्बनिक प्रबंधन के लिए 2 टन प्रति हैक्टेयर की दर से नीम की खल व 2.5 कि.ग्रा. प्रति हैक्टेयर की दर से ट्राईकोडर्मा विरिडी भूमि में मिलाएं। 5 प्रतिशत नीम बीज अर्क का छिड़काव 10 दिन के अंतराल पर आवश्यकतानुसार दो या तीन बार करें। छनिया में छाछ्या रोग का प्रबंधन : धनिया की फसल में छाछ्या (पाउडरी मिल्ड्यू) रोग का प्रकोप दिखने पर 25 किलो गन्धक के चूर्ण का भुरकाव करें या 2 ग्राम घुलनशील गंधक का प्रति लीटर पानी की दर से घोल बनाकर छिड़काव करें। गेंदे के फूलों में सड़न दिखे तो यह उपाय करें गेंदे की फसल में पुष्प सड़न रोग के आक्रमण की निगरानी करते रहें। लक्षण दिखाई दे तो बाविस्टिन 1 ग्राम/लीटर या इन्डोफिल-एम 45 2 मिली प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव आसमान साफ होने पर करें। टूटे हुए किन्नू हटाते रहें : किन्नू के बागों में सफाई करें। गिरे हुए फल नियमित इकट्ठा कर बागों से बाहर डाल दें। किन्नू के बागों में पककर पीले पड़ गए फलों की तुड़ाई शुरू कर देनी चाहिए। कृषि यंत्र अनुदान योजना
कृषि यंत्र सब्सिडी योजना (अनुदान योजना) में अनुसूचित जाति (एससी) के किसान 14 फरवरी तक आवेदन कर सकते हैं। इस योजना के तहत ट्रैक्टर या अन्य कृषि उपकरण खरीदने पर 40 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी प्राप्त की जा सकती है। आवेदन आधिकारिक कृषि पोर्टल या RajKisan portal के माध्यम से किए जा सकते हैं। आवेदन SSO ID से ऑनलाइन किए जा सकते हैं। ज्यादा जानकारी के लिए नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय या ई-मित्र केंद्र पर संपर्क कर सकते हैं ।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *