छिंदवाड़ा में ठग गिरोह ने 42 साल के एक शख्स को झांसे में लिया। उससे कहा कि तुम अकेले रहते हो। दूसरी पत्नी रख लो, हमारी नजर में संध्या नाम की लड़की है। ठगों की बातों में आकर वह तैयार हो गया। संध्या उसके साथ रहने लगी। पीड़ित ने कई बार कहा कि कोर्ट मैरिज कर लेते हैं। लेकिन वे लोग टालते रहे। पीड़ित मधु विश्वकर्मा ने संध्या के लिए गहने भी बनवा लिए थे। वह 15-20 दिन संध्या साथ रही। इसके बाद प्रेमी को छोटा भाई कहकर घर बुलाया। मौका पाकर दोनों मधु की नई बाइक लेकर फरार हो गए। साथ में जेवर, मोबाइल और राशन भी ले गए। पूरे मामले का खुलासा पुलिस ने गुरुवार को किया है। पहली पत्नी का देहांत, अकेलेपन के कारण की दूसरी शादी
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला समेत 4 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि महिला का प्रेमी अभी फरार है। ग्राम सिमरिया सागर निवासी मधु विश्वकर्मा की पहली पत्नी का देहांत हो चुका था और उनकी कोई संतान नहीं है। अकेलेपन के कारण वे दूसरी शादी करना चाहते थे। इसी मजबूरी का फायदा उठाते हुए ठग गिरोह ने उन्हें अपने जाल में फंसा लिया। बिना शादी पत्नी बनाकर विदा कर दिया
पुलिस जांच में पता चला कि ग्राम कोठार के रहने वाले बलराम नागवंशी ने मधु विश्वकर्मा को भरोसे में लिया। इसके बाद अपने साथी शिवजी टांडेकर और मुकेश सूर्यवंशी के साथ मिलकर मधु और संध्या विश्वकर्मा की मुलाकात करवाई। 22 दिसंबर 2025 को नवेगांव में दोनों मिले। आरोपियों ने कोर्ट मैरिज बाद में करने की बात कही और मधु से 10 हजार रुपए ठग ले लिए। संध्या को बिना शादी के उसकी पत्नी बनाकर विदा कर दिया। प्रेमी को घर बुलाया, पति से कहा- भाई है…
संध्या करीब 15-20 दिन तक मधु के घर में पत्नी बनकर रही। मधु ने उसके लिए साड़ी, जेवर और अन्य सामान भी खरीदा। इसी दौरान संध्या ने अपने प्रेमी को छोटा भाई बताकर घर बुला लिया। 10 जनवरी को दोपहर में संध्या उसके प्रेमी के साथ नई हीरो स्प्लेंडर प्लस बाइक पर फरार हो गई। चांदी की चेन, मोबाइल और करीब 30-35 किलो गेहूं (कुल मशरूका लगभग 1 लाख 8 हजार रुपए) भी साथ ले गई। कुछ ही घंटों में पकड़े गए आरोपी
ठगी का अहसास होने पर मधु विश्वकर्मा ने 13 जनवरी को नवेगांव थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। थाना प्रभारी उप निरीक्षक तरुण सिंह मरकाम के नेतृत्व में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में चार आरोपियों- संध्या विश्वकर्मा (फर्जी पत्नी), बलराम नागवंशी, मुकेश सूर्यवंशी और शिवजी टांडेकर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से 10 हजार रुपए नकद और मोबाइल जब्त किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर सभी को जेल भेज दिया है। पहले से चोरी, लूट और मारपीट के केस
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों के खिलाफ पहले से चोरी, लूट और मारपीट के आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज हैं। यह एक संगठित ठग गिरोह है। वारदात में शामिल संध्या का प्रेमी अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।


