जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के मामले की जांच अभी जारी है। मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। रविवार को जोधपुर पुलिस कमिश्नरओमप्रकाश मामले की जांच कर रही एसआईटी की टीम के साथ साध्वी प्रेम बाईसा के पाल रोड स्थित आश्रम पहुंचे। वहीं एफएसएल की टीम भी आश्रम पहुंची और साक्ष्य जुटाए। पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमारी टीम हर एक चीज को बारीकी से देख रही है। इस बात का ध्यान रखा जा रहा है कि कहीं कोई चीज पीछे छूट न जाए। इसको ध्यान में रखते हुए आज एक बार फिर से टीम के साथ यहां पहुंचे हैं। कमिश्नर ने कहा- मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया है। इस्टोपैथोलोजिकल रिपोर्ट के लिए एफएसएल सामग्री भेजी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ-साथ आईटी एक्सपर्ट और विसरा जांच जैसे महत्वपूर्ण तथ्यों को जोड़कर पुलिस निष्कर्ष पर पहुंचेगी। इसके साथ-साथ इस मामले की गंभीरता और जन भावनाओं के मध्य नजर सोशल मीडिया अकाउंट को देखा जा रहा है। मामले से जुड़े लोगों के लिए जा रहे बयान मामले से जुड़े लोगों के बयान लिए जा रहे हैं। इन सब की संयुक्त जांच के बाद ही हम किसी निष्कर्ष पर पहुंच पाएंगे। पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश स्पष्ट किया कि इन सभी की जांच सकारात्मक दिशा में है और शीघ्र ही प्रेम बाईसा से जुड़े मामले में पुलिस निष्कर्ष पर पहुंच जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में स्पष्ट तौर पर कुछ कॉज ऑफ़ डेथ नहीं आया है। इसलिए पैथोलॉजिकल जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा। क्या है मामला दरअसल, कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की बुधवार (28 जनवरी) को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। शुक्रवार (30 जनवरी) को बालोतरा के परेऊ गांव में आश्रम में संत परंपरा के अनुसार समाधि दी गई। प्रेम बाईसा के पिता वीरमनाथ का दावा है कि उन्हें केवल मामूली जुकाम था। जोधपुर के ही आश्रम में उन्हें एक इंजेक्शन लगाया गया था, इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। क्या है साध्वी से जुड़ा विवाद 13 जुलाई 2025 को सोशल मीडिया पर साध्वी का एक वीडियो शेयर हुआ था। साध्वी ने 16 जुलाई को बोरानाडा थाने में इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। यह वीडियो 2021 का था। साध्वी के पुराने साथियों की गिरफ्तारी मामला दर्ज होने के बाद मामले की जांच के बाद पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें साउंड सिस्टम लगाने का काम करने वाला जोगेंद्र उर्फ जोगाराम (29), पूर्व ड्राइवर रमेश, कृष्णा (जोगेंद्र की पत्नी) और दो अन्य लोग शामिल थे। साध्वी ने कहा था- मैं अग्निपरीक्षा के लिए तैयार तत्कालीन पुलिस अधिकारियों ने कहा था कि आरोपियों ने साध्वी की छवि को धूमिल किया। साध्वी ने उस समय कहा था – इन लोगों ने भगवे पर कलंक लगाया है। मैं अपनी सच्चाई साबित करने के लिए अग्निपरीक्षा देने को तैयार हूं। यह भी पढ़े..
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