ओडिशा के रायगड़ा जिले के कल्याणसिंहपुर प्रखंड में प्रेमी जोड़े के साथ क्रूरता की हदें पार दी गईं। जोड़े को तालिबानी अंदाज में सजा दी गई। जोड़े को बैलों की तरह हल में जोतकर हल चलावाया गया। कोड़े मारे, गांव से खदेड़ दिया गया। घटना शिकारपाई पंचायत के कंजामयोजी गांव की है। युवक और एक ही गोत्र के हैं। दोनों के बीच प्रेम संबंध था। आदिवासी समाज ऐसा करना गलत है। एक ही गोत्र के युवक-युवती को भाई-बहन माना जाता है। इसी कारण ऐसे विवाह पर रोक है। प्रेम प्रसंग की भनक समाज के लोगों को लगी गई। इससे कंजामयोजी के ग्रामीण बिफर गए। नियम-कानून को किनारे रखकर बैठक बुलाई गई, जिसमें प्रेमी जोड़े के लिए कठोर सजा तय कर दी गई। बतौर सजा प्रेमी जोड़े को बैल की हल चलवाया गया। गांव की देवी की पूजा के बाद इस जोड़े को धमकाकर यह कृत्य किया गया। जुताई के बाद दोनों को लाठी से मार-मारकर गांव से बेदखल कर दिया गया। अब उनके ठिकाने का पता नहीं है। थाना प्रभारी नीलकंठ बेहरा ने कहा कि इस क्रूर घटना का पता लगा है। पुलिस टीम के साथ फिलहाल वे कंजामयोजी गांव में है। घटना का वीडियो भी सामने आया है। भास्कर विचार आज के डिजिटल दौर में किसी पंचायत या समाज द्वारा प्रेमी युगल को इस तरह सार्वजनिक रूप से प्रताड़ित करना झकझोर देने वाला है। ऐसी घटना की हर स्तर पर निंदा की जानी चाहिए। साथ ही ऐसी सजा देने की सोच रखने वालों को समर्थन न दिया जाए। अगर कोई बच्चा किसी को चाहता है, तो परिजन को चाहिए के उसे अपने तर्क से समझाएं। जोर-जबरदस्ती कभी इसका हल नहीं हो सकती। अगर किसी ने कानून तोड़ा है, तो उसको सजा देने के लिए देश में निर्धारित न्याय प्रक्रिया है। किसी को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है।


