भास्कर न्यूज | लुधियाना प्रोजेक्ट जीवनज्योत 2.0 के तहत पिछले साल जुलाई में भीख मांगते हुए रेस्क्यू किए गए 18 बच्चों को लेकर जिला बाल संरक्षण इकाई ने अहम खुलासा किया है। अधिकारियों के मुताबिक, विस्तृत जांच के बाद इनमें से किसी भी बच्चे को मानव तस्करी का शिकार नहीं पाया गया है। रेस्क्यू किए गए 18 बच्चों में से 16 को उनके साथ मौजूद अभिभावकों को वापस सौंप दिया गया है। बच्चों को सौंपने से पहले उनके अभिभावकों से संबंध की पुष्टि की गई। छह बच्चों और उनके साथ मौजूद वयस्कों का डीएनए टेस्ट कराया गया, जबकि बाकी बच्चों के पास रिश्ते साबित करने वाले वैध दस्तावेज मौजूद थे। दो बच्चे अब भी चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) की निगरानी में हैं। प्रोजेक्ट जीवनज्योत 2.0 को बाल तस्करी और शोषण पर रोक लगाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। ड्राफ्ट गाइडलाइन के अनुसार, यदि रेस्क्यू के समय साथ मौजूद वयस्क बच्चों के माता-पिता साबित होते हैं, तो बच्चे को परिवार को वापस सौंपा जा सकता है।


