फंदे में फंसी पैंथर:पेट पर एक फीट लंबा और छह इंच गहरा घाव, 56 टांके लगाए लेकिन बच नहीं सकी, गर्भ में दो शावक

हिंडोली फॉरेस्ट रेंज से फंदे में फंसने के बाद रेस्क्यू कर कोटा चिड़ियाघर में लाई गई मादा पैंथर ने शुक्रवार को दम तोड़ दिया। इसके गर्भ में दो शावक थे। चिड़ियाघर में पोस्टमार्टम कर शव निस्तारित कर दिया गया। इस मादा पैंथर को 24 दिसंबर को डाडूंदा गांव से रेस्क्यू किया था। इसके पेट में एक फीट लंबा और 6 इंच गहरा घाव था। वेटनरी डॉ. अखिलेश पांडे ने एनेस्थीसिया देकर 56 टांके लगाए थे। घाव गहरा और पेट की चमड़ी नाजुक होने से टांके बार-बार टूट रहे थे। एसीएफ पंकज मीना ने बताया कि महीने के दौरान हुईं तीनों घटनाएं बूंदी जिले की हैं। कहीं न कहीं मॉनिटरिंग की कमी है। फंदा बाइक के क्लच वायर का बनाते हैं, जो टूटता नहीं है। यह फंदा जंगली सुअर के शिकार के लिए लगाया जाता है, जिसमें पैंथर भी फंस जाती हैं। बचने के प्रयास में वायर से पैंथर का शरीर कट जाता है। एक पैंथर का इलाज चल रहा है 14 दिसंबर 2025—हिंडोली में भी पैंथर फंसा मिला था। रात 9 बजे इसे अभेड़ा चिड़ियाघर लेकर आए। इसके शरीर में भी फंदा लगने से गहरा घाव था। करीब 50 टांके लगाए गए हैं। इसका अभी भी कोटा चिड़ियाघर में उपचार चल रहा है। 19 दिसंबर 2025—नाका मुफजा के पास फंदे में फंसा हुआ मिला था। इसके शरीर में भी गहरा घाव था, जिसका उपचार चल रहा है। भास्कर एक्सपर्ट—अनुराग भटनागर, डीएफओ शाकाहारी की तुलना में मांसाहारी वन्यजीवों के घाव भरने में दिक्कत होती है, खासकर सर्दी में। मांसाहारियों के घाव में कीड़े अधिक लगते हैं। गहरा घाव होने के बाद रिकवरी मुश्किल रहती है। गर्भधारण के समय तो इनकी केयर करना भी चुनौती होता है, क्योंकि मां और बच्चे दोनों का ध्यान रखना पड़ता है। दवाइयां इसके अनुसार देनी होती हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *