जैसलमेर जिले के फतेहगढ डिस्कॉम में फर्जी बिजली तंत्र से लाखों यूनिट बिजली चोरी का मामला सामने आने के बाद डिस्कॉम ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। जोधपुर डिस्कॉम एवं सतर्कता पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में न केवल पूरा अवैध तंत्र ध्वस्त किया गया बल्कि इसमें मिलीभगत करने वाले डिस्कॉम के तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच रिपोर्ट में डिस्कॉम के तत्कालीन चार अधिकारी कर्मचारियों – अधिशासी अभियंता (सतर्कता) जैसलमेर सुनील मूलचंदानी, सहायक अभियंता (AEN) (पावर) फतेहगढ़ अमित मीणा, सहायक राजस्व अधिकारी फतेहगढ़ राजकुमार मीणा व कनिष्ठ अभियंता (JEN) फतेहगढ़ हरीश जयपाल को शुक्रवार देर शाम जोधपुर में पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया। सभी को शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। टीम ने की जांच अध्यक्ष डिस्कॉंम, जयपुर, आरती डोगरा और प्रबंध निदेशक जोधपुर डिस्कॉम डॉ. भंवरलाल के स्पष्ट निर्देशों पर इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष उच्चस्तरीय टीम गठित की गई थी। जिसमें अधिशासी अभियंता (आरडीएसएस) जोधपुर डिस्कॉम बाड़मेर, सहायक अभियंता (सतर्कता) बाड़मेर तथा एफटीपीएस थानाधिकारी बाड़मेर शामिल थे। टीम ने फतेहगढ़ के विभिन्न स्थानों पर अभियान चलाते हुए सात कृषि कनेक्शनों की गहन जांच की। जांच में सभी कनेक्शनों पर गैर-उपयोगिता और अवैध रूप से बिजली चोरी किए जाने की पुष्टि हुई। जांच दल ने मौके से अवैध ट्रांसफॉर्मर हटाकर जब्त किए, अवैध लाइनों और विद्युत संरचनाओं को तुरंत हटवाया व बिजली चोरी में लिप्त उपभोक्ताओं को चिह्नित किया। पूरे मामले का विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर सतर्कता शाखा को भेजा गया। चार अधिकारी बिजली चोरी में शामिल जांच रिपोर्ट में डिस्कॉम के तत्कालीन चार अधिकारी कर्मचारियों, सुनील मूलचंदानी, अमित मीणा, राजकुमार मीणा व हरीश जयपाल की भूमिका गंभीर रूप से संदिग्ध पाई गई। इस आधार पर सतर्कता पुलिस ने विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 व 150 के तहत मामला दर्ज किया। इसी क्रम में 28 नवंबर 2025 को विशेष टीम द्वारा तत्कालीन सहायक अभियंता अमित मीणा (वर्तमान मुख्यालय सिरोही), तत्कालीन सहायक राजस्व अधिकारी राजकुमार मीणा (वर्तमान मुख्यालय चुरू) और तत्कालीन कनिष्ठ अभियंता हरीश जयपाल (वर्तमान मुख्यालय फलौदी) को गिरफ्तार कर लिया गया। आज कोर्ट में पेश करेंगे गिरफ्तार कर्मियों को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा और पीसी रिमांड में लिया जाएगा। जहां से आगे पूछताछ और तकनीकी आर्थिक पहलुओं का परीक्षण किया जाएगा। इस मामले में जोधपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक ने कहा- बिजली चोरी, अनियमितता एवं भ्रष्टाचार के प्रति विभाग की नीति बिल्कुल स्पष्ट है- शून्य सहनशीलता। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में कठोरतम कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर दोषी पाए जाने पर बख्शा नहीं जाएगा। उपभोक्ता हित और पारदर्शिता डिस्कॉम की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी दिशा में यह बड़ी कार्रवाई की गई है।


