फरवरी में होगा नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव:डिप्टी सीएम साव बोले- सरकार ने चुनाव आयोग को दिया सुझाव, 18 जनवरी के बाद चुनाव की घोषणा संभावित

छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम अरूण साव ने बिलासपुर में कहा कि राज्य सरकार ने चुनाव आयोग को फरवरी में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव एक साथ कराने का सुझाव दिया है। 18 जनवरी को आयोग मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन करेगा, जिसके बाद कभी भी चुनाव की घोषणा हो सकती है। उन्होंने कहा कि प्रर्वतन निदेशालय (ED) ने पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा की गिरफ्तारी साक्ष्यों के आधार पर की है। कांग्रेस पार्टी का आरोप बेबुनियाद और निराधार है। डिप्टी सीएम साव बोले- शराब दुकानों में होते थे दो काउंटर
डिप्टी सीएम अरूण साव ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में शराब घोटाला बड़ा विषय था। प्रदेश के आम लोग इस बात को जानते थे कि यहां शराब दुकानों में दो काउंटर होते थे। बाद में नकली शराब बेचने का विषय भी आम लोगों तक पहुंचा था। इसे लेकर हमने बार-बार मुद्दा उठाया था। जिसके बाद ईडी ने जांच की और लगातार ईडी जांच कर रही है। इस केस में पूर्व में गिरफ्तारियां हुई है। जांच के क्रम में ईडी ने ये गिरफ्तारी की है। निश्चित रूप से ईडी के पास साक्ष्य होगा, आधार होगा इसलिए कार्रवाई की है। कांग्रेस का आरोप बेबुनियाद और निराधार
कांग्रेस का यह आरोप कि राजनीतिक आधार पर उनकी गिरफ्तारी हुई है यह बेबुनियाद और निराधार है। सर्वविदित है कि शराब में 2 हजार करोड़ से अधिक घोटाला हुआ। हर कोई जानते थे किस तरह से शराब में घोटाला हुआ है। इसलिए ईडी ने तथ्यों और साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई की है। यह कानूनी कार्रवाई है। न तो यह राजनीतिक है और न ही इसके पीछे कोई अन्य कारण है। आगे की गिरफ्तारी के बारे में ईडी ही बता सकती है। ईडी केंद्रीय एजेंसी है और संवैधानिक संस्था है, जांच में जिनके खिलाफ तथ्या आएंगे, उनकी गिरफ्तारी ईडी जरूर करेगी। ओबीसी आरक्षण पर भ्रम फैला रही कांग्रेस
डिप्टी सीएम साव ने कहा कि काग्रेस भ्रम फैलाने में माहिर है। पिछड़ा वर्ग आरक्षण को लेकर पूरी तरह से भ्रम फैला रही है। राज्य सरकार ने जो आरक्षण किया है वो पूरी तरह से सुप्रीम कोर्ट के आदेश और संविधान के आधार पर कानून का पालन करके किया है। जब हमने राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग बनाया, उस आयोग ने जो रिपोर्ट दी। उससे पहले अन्य राज्यों में र्कारवाई हुई उसका अध्ययन किया था। इसलिए अधिकतम लाभ छत्तीसगढ़ में अन्य पिछड़ा वर्ग को मिले इसका प्रयास सरकार ने किया है। इसलिए आरक्षण हुआ है पूरी तरह से संवैधानिक और नियमानुसार हुआ है। कोर्ट गया है तो न्यायालय उसका परीक्षण करेगा।

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