डीजीपी अनुराग गुप्ता ने राज्य के पुलिस अफसरों को निर्देश दिया कि विभिन्न मुकदमों फरार चल रहे माओवादी या स्पीलिंटर ग्रुप के अभियुयक्तों के विरुद्ध कुर्की-जब्ती की कार्रवाई करें। साथ ही सभी एसपी अपराध के माध्यम से अर्जित की गई संपत्तियों को चिह्नित कराते हुए उसके डॉक्यूमेंटेशन का कार्य अद्यतन करते हुए वांछित कार्रवाई करना सुनिश्चित करेंगे। डीजीपी ने बुधवार को पुलिस मुख्यालय में नक्सल उन्मूलन संबधित मुद्दों पर की समीक्षा बैठक में उक्त निर्देश दिए। साथ ही डीजीपी ने पूर्व से दिए गए निर्देश के अनुपालन की व्यापक रूप से समीक्षा की आैर सूचना तंत्र को आैर भी ज्यादा मजबूत करने पर बल दिया। बैठक में डीजीपी के अलावा आईजी अखिलेश झा, एवी होमकर, अनूप बिरथरे के अलावा सीआरपीएफ आैर आईबी के अफसर विशेष तौर पर शामिल हुए। डीजीपी ने दिए ये निर्देश… नक्सली कांडों की समीक्षा कर सभी एसपी यह सुनिश्चित करेंगे कि माओवादी या आपराधिक गुटों द्वारा धमकी से संबंधित जो भी सूचना पीड़ित द्वारा दी जाती है, उसमें प्राथमिकी दर्ज की जाए। सभी एसपी विशेष रूप से नक्सल प्रभावित जिलों में माओवादी या आपराधिक गुटों के द्वारा आगजनी-तोड़फोड़ से सबंधित दर्ज मामलों का विशेष रूप से समीक्षा कर यथाशीघ्र कार्रवाई करना सुनिश्चित करेंगे। नक्सली और आपराधिक गुटों के के प्रत्येक सदस्य का प्रोफाइल बनाकर सभी पुलिस अधीक्षक नो योर इनेमी और नो योर फ्रेंड के आधार पर अपने अधीनस्थ पदाधिकारी एवं कर्मियों को अवगत कराना सुनिश्चित करेंगे। नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बाद यह समीक्षा की जाए कि पुनर्वास योजना के अंतर्गत दिए जाने वाले संपूर्ण लाभ आत्मसमर्पित नक्सलियों को मिल रहे हैं या नहीं। अगर आत्मसमर्पित नक्सली किसी लाभ से वंचित हैं तो यथाशीघ्र कार्रवाई करें।


