पंजाब के फरीदकोट में सोमवार को अतिरिक्त जिला व सेशन जज की कोर्ट में साल 2015 के कोटकपूरा गोलीकांड केस की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान केस में चार्जशीट राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल, पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी, आईजी परमराज सिंह उमरानंगल समेत अन्य पुलिस अधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में हाजिर हुए। कोर्ट ने केस की सुनवाई को 24 फरवरी तक स्थगित करने का आदेश दिया। बहिबल कांड चंडीगढ़ कोर्ट में तबदील जानकारी के अनुसार बरगाड़ी बेअदबी कांड के समय पेश आए बहिबल गोलीकांड व कोटकपूरा गोलीकांड की मामलों में से बहिबल गोलीकांड के केस को सुनवाई के लिए फरीदकोट से चंडीगढ़ की जिला कोर्ट में तबदील किया जा चुका है, जबकि कोटकपूरा केस के संदर्भ में जिला कोर्ट ने पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय को पत्र लिखा हुआ है। दोनों मामलों में एक साथ सुनवाई के थे आदेश चूंकि दोनों मामलों से जुड़ी याचिकाओं पर फैसला सुनाते समय उच्च न्यायालय ने दोनों मामलों की एक साथ सुनवाई करने के आदेश दिए थे और बहिबल केस के चंडीगढ़ तबदील होने के बाद से फरीदकोट की कोर्ट में कोटकपूरा गोलीकांड केस की सुनवाई रुकी हुई है। कोटकपूरा गोलीकांड मामले से जुड़े दो केस है, जिनमें से एक केस घटना वाले दिन 14 अक्टूबर 2015 को ही सिख प्रदर्शनकारियों पर दर्ज हुआ था। आरोपियों पर चार्ज फ्रेम करने को लेकर बहस पेंडिंग एक केस जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट के बाद साल 2018 में पुलिस अधिकारियों पर दर्ज किया था। गोलीकांड मामले की जांच कर रही एसआईटी ने प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस में भी 4 पुलिस अधिकारियों को नामजद करके उनके खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल की हुई है। इन दोनों ही केसों में आरोपियों पर चार्ज फ्रेम करने को लेकर बहस पेंडिंग चल रही है।


