फरीदकोट जिले में गणतंत्र दिवस पर संयुक्त किसान मोर्चे के आहवान किसान संगठनों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर ट्रैक्टर मार्च निकाला और केंद्र सरकार पर कारपोरेट घरानों के हित में नए कानून लाने के आरोप लगाए। एसकेएम ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान न दिया तो देश भर में एक बार फिर से केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कौमी किसान यूनियन के प्रदेश प्रधान बिंदर सिंह गोलेवाला ने केंद्र के साथ साथ पंजाब सरकार पर किसानों की अनदेखी करने के गंभीर आरोप लगाए। पंजाब सरकार पर भी निशाना उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार किसानों के साथ गलत रवैया अपनाती आ रही है और पंजाब सरकार भी किसानों की जायज मांगों को पूरा करने में नाकाम साबित हुई है। किसानों को समाज के हर वर्ग का समर्थन मिल रहा है, क्योंकि केंद्र सरकार बड़े कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए किसानों पर पुराने कानूनों से भी ज्यादा खतरनाक नए कानून थोप रही है। जल्द समाधान की मांग की किसान नेता ने कहा कि इसमें बीज बिल, मनरेगा योजना में बदलाव, बिजली संशोधन बिल, श्रम कानूनों में संशोधन आदि शामिल है। उन्होंने एमएसपी की कानूनी गारंटी का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों की स्वीकार हो चुकी मांगों को लेकर किसान लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। इसके अलावा पानी और कर्ज माफी जैसे अहम मुद्दे भी वर्षों से लंबित पड़े हैं। नेताओं को सिर्फ अपनी कुर्सी की चिंता किसान नेता बिंदर सिंह गोलेवाला ने कहा कि राजनीतिक नेताओं को सिर्फ अपनी कुर्सी की चिंता है और आम जनता व किसानों की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। गोलेवाला ने याद दिलाया कि पहले भी केंद्र सरकार द्वारा लाए गए खेती के काले कानूनों को किसानों के लंबे संघर्ष के बाद वापस लेना पड़ा था और अब एक बार फिर सरकार को विरोध का सामना करना पड़ेगा।
बड़े आंदोलन की चेतावनी उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो देशभर में आंदोलन और तेज किया जाएगा। पहले भी किसानों ने रेलवे स्टेशनों और सड़कों पर लंबे समय तक धरने दिए थे और इस बार भी हर स्तर पर आवाज बुलंद की जाएगी।


