पंजाब रोडवेज, पनबस, पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन से जुडे़ कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर बुधवार को फरीदकोट के बस स्टैंड पर सरकार व मैनेजमेंट के खिलाफ रोष प्रदर्शन कर धरना दिया। इस मौके पर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष हरप्रीत सिंह सोढ़ी ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार को पंजाब में लगभग 3 साल हो गए हैं। सरकार बनने से पहले मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा था कि पंजाब में ठेका प्रथा खत्म करके सभी कर्मचारियों को स्थाई कर दिया जाएगा, लेकिन परिवहन विभाग में एक भी कर्मचारी पक्का नहीं किया गया। परिवहन विभाग में करीब 400 से ज्यादा बसें कंडम हो चुकी हैं और आम आदमी पार्टी की सरकार ने अब तक परिवहन विभाग में एक भी नई बस को शामिल नहीं किया। नहीं बनाई सरकार ने कोई नीति फरीदकोट डिपू के प्रधान हरजिंदर सिंह ने कहा कि 1 जुलाई को पंजाब के मुख्यमंत्री की ओर से एक बैठक की गई थी, जिसमें एक माह में नीति बनाकर यूनियन की मांगों ठेका प्रथा के तहत कार्य करने वाले कर्मचारियों को पक्का करने, कम वेतन पर काम करने वाले कर्मचारियों का वेतन एक समान करने, विभागों का स्वामित्व एक समान करने, किलोमीटर स्कीम के तहत बसें देने, विभाग का निजीकरण बंद करने पर सहमति बनी थी। लेकिन कमेटी बनाने के बाद भी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई जिससे साफ जाहिर होता है कि पंजाब के मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री किसी भी मांग का समाधान नहीं करना चाहते हैं और जानबूझ कर मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। जनवरी में तीन दिन रहेगा चक्का जाम -हरजिंदर सिंह हरजिंदर सिंह ने कहा कि इसके विरोध में 22 दिसंबर को सभी विधायकों को एक मांग पत्र भेजा गया जाएगा और 2 जनवरी को गेट रैली की जाएगी। इसके बाद 6, 7 व 8 जनवरी को पूर्ण चक्का जाम किया जाएगा। 7 जनवरी से पंजाब के मुख्यमंत्री के घर के सामने धरना दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगें पूरी ना हुई तो उनका संगठन दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी का विरोध किया जाएगा।


