पंजाब के फरीदकोट जिले में संयुक्त किसान मोर्चे के आह्वान पर जिले भर के किसान संगठनों ने मिनी सचिवालय में डिप्टी कमिश्नर दफ्तर के समक्ष केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ धरना दिया। इस मौके पर जम्मू कश्मीर के पहलगाम की घटना पर चिंता जताते हुए घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग रखी। साथ ही पंजाब में संघर्ष कर रहे किसान संगठनों पर जुल्म किए जाने की भी सख्त शब्दों में निंदा की गई। असल दोषियों को सामने लाए किरती किसान यूनियन के प्रांतीय महासचिव राजिंदर सिंह दीप सिंह वाला, पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन के जिला नेता जसनीत सिंह, नौजवान भारत सभा के प्रांतीय वित्त सचिव नौनिहाल सिंह दीप सिंह वाला ने कहा कि पहलगाम में हुए हत्याकांड की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। घटना के असली दोषियों को सामने लाया जाना चाहिए और उन्हें सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए। जो घटना घटी है, उसमें केंद्र सरकार की सबसे बड़ी विफलता है। 7 लाख सेना जवान तैनात कश्मीर के एक छोटे से क्षेत्र में 7 लाख सेना जवान तैनात हैं, लेकिन जब लोगों पर गोलियां चलाई जा रही थी, तब सेना कहां थी। घटना को धर्म के नाम पर जो रंग दिया जा रहा है, उसे रोका जाना चाहिए। देश में जिस तरह का युद्ध जैसा माहौल बनाया जा रहा है, उसे तुरंत अनुकूल बनाया जाना चाहिए और कश्मीरी लोगों के लिए एक राजनीतिक समाधान निकाला जाना चाहिए, ताकि वे भी शांति और सुकून की जिंदगी जी सकें। सीमाएं बंद करना पूरी तरह गलत नेताओं ने कहा कि सरकारें युद्ध का माहौल बनाकर अटारी, वाघा और हसैनी सीमा को बंद कर रही हैं, जो पूरी तरह से गलत है। पंजाब से लगती सीमाएं तुरंत खोली जानी चाहिए और पंजाब का व्यापार इन सीमाओं के माध्यम से शुरू किया जाना चाहिए। इसके अलावा पंजाब में लोक मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रहे किसान संगठनों पर जुल्म किए जाने की भी सख्त शब्दों में निंदा की गई और राज्य की आम आदमी पार्टी की सरकार को आड़े हाथों लिया। इस मौके पर किसान संगठनों द्वारा जिला प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा गया।


