बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में सफाई सेवक यूनियन द्वारा बुलाए गए पंजाब बंद का फरीदकोट में व्यापक असर देखने को मिला। वीरवार सुबह से ही शहर के अधिकांश बाजार और दुकानें बंद रहीं, जबकि सड़कों पर भी सन्नाटा पसरा रहा। इस दौरान नगर काउंसिल के हड़ताली सफाई कर्मचारियों ने कार्यालय के बाहर धरना देकर राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। धरने में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी शामिल हुए। आंदोलन को पंजाब भर में लोगों का समर्थन मिल रहा प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पंजाब बंद केवल अपनी मांगों को लेकर नहीं, बल्कि बरनाला में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों, खासकर महिला कर्मचारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में किया गया है। उन्होंने दावा किया कि इस आंदोलन को पंजाब भर में लोगों का समर्थन मिल रहा है। डीएसपी-एसएचओ को तत्काल बर्खास्त करने की मांग कर्मचारियों ने मांग की कि बरनाला लाठीचार्ज मामले में संबंधित डीएसपी और एसएचओ को तत्काल बर्खास्त किया जाए तथा उनके खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए। आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही सरकार इस मौके पर सफाई कर्मचारी नेता कुलदीप कुमार ने कहा कि राज्य सरकार उनके आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर सफाई कर्मचारी 8 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। हड़ताल के चलते शहर के कई इलाकों में कूड़े के ढेर लग गए हैं और सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है।


