फरीदकोट में PRTC कर्मियों ने बंद किया बस स्टैंड:यूनियन नेताओं को डिटेन करने से नाराज, बोले-किलोमीटर स्कीम निजीकरण की साजिश

पंजाब के फरीदकोट में किलोमीटर बस स्कीम के खिलाफ संघर्ष कर रहे पीआरटीसी कर्मचारी यूनियन नेताओं की धरपकड़ के रोष में समूह कर्मचारियों ने बस स्टैंड बंद करते हुए बसों का चक्का जाम कर दिया। बस स्टैंड के बंद होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि हिरासत में लिए उनके साथी कर्मचारियों को जल्द रिहा ना किया तो को जल्द रिहा नहीं किया गया, तो वे हाईवे जाम करने को मजबूर होंगे। रोडवेज में नहीं शामिल हुई नई बस इस मौके पर पीआरटीसी कर्मचारी यूनियन ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा पिछले 4 साल के दौरान पीआरटीसी व पंजाब रोडवेज में एक भी नई बस शामिल नहीं की गई जबकि ट्रांसपोर्ट विभाग के निजीकरण की मंशा से किलोमीटर स्कीम को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार व मैनेजमेंट पिछले कुछ माह से इस स्कीम का टेंडर लगाने की कोशिश कर रही है और विरोध करने पर टेंडर की तारीख बढ़ा दी जाती है। शुक्रवार को भी सरकार ने टेंडर लगाया हुआ था जिसका शांतिपूर्ण ढंग से विरोध करना था। पर संघर्ष को दबाने के लिए तानाशाही रवैया अपनाते हुए उनके मुख्य नेताओं को निशाना बनाया और उन्हें डिटेन कर लिया। बस स्टैंड बंद होने के कारण यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। परिवाहन प्रणाली के निजीकरण की साजिश है किलोमीटर स्कीम-कर्मचारी नेता इस मौके पर कर्मचारी नेता हरप्रीत सिंह ने कहा कि शुक्रवार को किलोमीटर बस स्कीम से संबंधित टेंडर लगने थे, जिसका मुलाजिम लंबे समय से विरोध कर रहे हैं। यह स्कीम सरकारी परिवहन प्रणाली को निजी हाथों में सौंपने की दिशा में एक कदम है, जिससे उनकी नौकरियां खतरे में पड़ जाएंगी। उन्होंने कहा है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं और डिटेन कर्मचारियों को तुरंत रिहा नहीं किया गया, तो संघर्ष और अधिक तेज किया जाएगा।

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