फर्जी आंकड़ों से बना राजस्व गांव ‘राईकाबाग’, अब अस्तित्व खत्म:हाईकोर्ट की सख्ती से खुली पोल, 387 नहीं सिर्फ 150 लोग मिले

जोधपुर जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने गुरुवार (8 जनवरी) को एक अहम फैसला करते हुए भोपालगढ़ क्षेत्र में बनाए गए नए राजस्व ग्राम ‘राईकाबाग’ की अधिसूचना को निरस्त करने का निर्णय लिया है। प्रशासन ने माना है कि कागजों में दिखाई गई जनसंख्या और मौके की स्थिति में जमीन-आसमान का अंतर है। जांच में जनसंख्या के मानक पूरे नहीं होने के कारण तहसीलदार द्वारा संशोधित नाम ‘रूपनगर’ के साथ भेजा गया प्रस्ताव भी प्रभावी रूप से खारिज हो गया है। कलेक्टर ने अब राज्य सरकार (राजस्व विभाग) को पत्र भेजकर 28 मार्च 2025 की अधिसूचना को औपचारिक रूप से रद्द करने की सिफारिश कर दी है। फर्जी आंकड़ों की बुनियाद पर बना था गांव मामला भोपालगढ़ तहसील की ग्राम पंचायत रड़ौद का है। राज्य सरकार ने 28 मार्च 2025 को एक अधिसूचना जारी कर मूल राजस्व ग्राम ‘गोपाल नगर’ से अलग करके ‘राईकाबाग’ को नया राजस्व ग्राम घोषित किया था। इस अधिसूचना में नए गांव की जनसंख्या 387 बताई गई थी। ग्रामीण शिवकरण ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए आरोप लगाया था कि यह गांव राजनीतिक प्रभाव में नियमों को ताक पर रखकर बनाया गया है और जनसंख्या के आंकड़े झूठे हैं। हाईकोर्ट: पहले एकल पीठ ने, फिर खंडपीठ ने दिए निर्देश याचिकाकर्ता के वकील श्रवण दास वैष्णव ने बताया कि हाईकोर्ट के जस्टिस दिनेश मेहता की कोर्ट ने 23 मई 2025 को ही राईकाबाग के गठन की अधिसूचना को विधि विरुद्ध मानते हुए ‘क्वैश’ (रद्द) कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि सरकार चाहे तो नियमों के तहत दूसरे नाम से गांव बना सकती है। इसके बाद मामला खंडपीठ (Division Bench) में पहुंचा। 1 जुलाई 2025 को जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस संदीप शाह की खंडपीठ ने निर्देश दिया कि जिला कलेक्टर ग्रामीणों की आपत्तियां सुनें और जांच कर यह तय करें कि नया गांव नियमों के तहत बन सकता है या नहीं। जांच में हुआ बड़ा खुलासा: 150 लोगों पर कैसे बनेगा गांव? हाईकोर्ट के निर्देश पर कलेक्टर ने तहसीलदार भोपालगढ़ से मौका रिपोर्ट मांगी। इस जांच में प्रशासन के दावों की पोल खुल गई: फैसला: अधिसूचना रद्द करने की सिफारिश जिला कलेक्टर ने जांच रिपोर्ट के आधार पर माना कि जब जनसंख्या ही पर्याप्त नहीं है, तो नया राजस्व ग्राम नहीं बनाया जा सकता। कलेक्टर ने याचिकाकर्ता शिवकरण के अभ्यावेदन को स्वीकार करते हुए आदेश दिया कि 28 मार्च 2025 की अधिसूचना को निरस्त किया जाए। इस संबंध में प्रमुख शासन सचिव, राजस्व विभाग को पत्र भेजकर अधिसूचना रद्द करने की सिफारिश की गई है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *