सड़क दुर्घटना में मृत युवक कपिल ठाकुर के माता-पिता द्वारा 60 लाख 50 हजार रुपए के मुआवजे के लिए दाखिल किए गए दावे को न्यायालय ने खारिज कर दिया। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश प्रशांत शुक्ला ने मामले की सुनवाई के दौरान पाया कि दावा करते समय जिस वाहन का उल्लेख किया गया था, वह दुर्घटना में शामिल वाहन से अलग था। मृतक के माता-पिता की ओर से वकील के.के. प्रजापति ने दावा पेश किया था कि 20 अक्टूबर 2018 को टीटी नगर क्षेत्र में कार नंबर एमपी 04 टीए-5127 के चालक ने कपिल ठाकुर को टक्कर मार दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई। हालांकि, सुनवाई के दौरान पुलिस प्रतिवेदन में सामने आया कि दुर्घटना वास्तव में कार नंबर एमपी 04 एए-3843 से हुई थी। इसको देखते हुए न्यायालय ने निष्कर्ष निकाला कि दावे में झूठा वाहन प्रस्तुत किया गया था, जो मुआवजा प्राप्त करने के लिए गलत जानकारी देने का मामला है। इसके आधार पर न्यायालय ने दावा निरस्त कर दिया और इसे फर्जी करार दिया। फर्जी हस्ताक्षर से भूमि हड़पने के मामले में एक्सपर्ट के बयान दर्ज एक अन्य केस में ग्राम गोपीसुर सतकुंडा, जिला रायसेन में कृषि भूमि को धोखाधड़ी से हड़पने के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अग्निनेंद्र कुमार द्विवेदी की अदालत में शनिवार को हैंडराइटिंग एक्सपर्ट के बयान दर्ज किए गए। मामला बटियादार गुलाब सिंह बंजारा से जुड़ा है, जिस पर आरोप है कि, उसने भूमि स्वामी की मृत्यु के बाद उनके फर्जी हस्ताक्षर कर जाली एग्रीमेंट तैयार किया। यह भी आरोप है कि उसने भूमि स्वामी की विधवा को डरा-धमकाकर कृषि भूमि की रजिस्ट्री कराने का प्रयास किया। परिवादिनी बिलकीस खान द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच करने वाले हैंडराइटिंग एक्सपर्ट ने अदालत में बताया कि, एग्रीमेंट पर किए गए हस्ताक्षर, भूमि स्वामी और उनके पुत्र के वास्तविक हस्ताक्षरों से मेल नहीं खाते। रिपोर्ट के अनुसार, ये हस्ताक्षर पूरी तरह से जाली और फर्जी हैं। इससे पहले की पेशी में बिलकीस खान, उनके बेटे मरवान महमूद खान और स्वतंत्र गवाह मुख्तार अहमद खान ने अपने बयान दर्ज कराए थे। अदालत ने अब आरोपी गुलाब सिंह बंजारा, नैनी बाई, दीवान सिंह, जीवन सिंह और राजकुमारी को नोटिस जारी कर 17 फरवरी को पेश होने का आदेश दिया है।


