फर्जी पट्टों की B ​सीरीज:लिपिक ने आयुक्त के ट्रांसफर के बाद भी जारी कर दिए 550 से ज्यादा फर्जी पट्टे, परिषद के रिकार्ड में ही नहीं

नगर परिषद बाड़मेर से फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार एक और मामला सामने आया है। 550 से ज्यादा ऐसे फर्जी पट्टे जारी हुए है, जिन्हें आयुक्त के ट्रांसफर होने के बाद बैक डेट से जारी किए या फिर फर्जी हस्ताक्षर किए गए। इन पट्टों की सीरीज भी अजीब है क्योंकि डिस्पैच नंबर के आगे बी सीरीज लिखा हुआ है। जबकि डिस्पैच रजिस्टर में इस तरह के पट्टे जारी होने की सीरीज ही नहीं है। पंजीयन के बाद फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद इस सीरीज के पट्टों को निरस्त कर दिया है। अब पट्टाधारक बैंक लोन, एनओसी या अन्य प्रमाणित प्रतिलिपि लाने जा रहे हैं तो उन्हें पता चल रहा है कि उनका पट्टा निरस्त कर दिया है। यह फर्जीवाड़ा वर्ष 2023 में हुआ है। भूमि शाखा के लिपिक ने आयुक्त के ट्रांसफर होने के बाद भी फर्जी साइन से पट्टे अलग से किसी रजिस्टर में डिस्पैच करके लोगों को बांट दिए। वर्ष 2023 में प्रशासन शहरों के संग अभियान में दलालों के मार्फत लिपि​क और अधिकारियों ने सैकड़ों की संख्या में फर्जी पट्टे जारी कर दिए। बी सीरीज पट्टों के जारी करने के समय भूमि शाखा का इंचार्ज गणपत​ विश्नोई था। दलालों के मार्फत आयुक्त के ट्रांसफर होने के बाद फर्जी पट्टे जारी कर उन पर फर्जी डिस्पैच नंबर लगा दिए। ऐसे पट्टों पर डिस्पैच नंबर 1 B से लेकर 600B या इससे भी ज्यादा हो सकते हैं। नगर परिषद में 550 बी तक ऐसे फर्जी पट्टों की सीरीज सामने आई है। अब परिषद में ऐसे पट्टों का न तो कोई रिकार्ड है और न ही डिस्पैच रजिस्टर में एंट्री है। पंजीयन के दौरान आयुक्त के पास वेरिफिकेशन में इस तरह की बी सीरीज के पट्टे पकड़ में आए। आयुक्त का ट्रांसफर हुआ तो लिपिक ने ही दे दिए पट्टे वर्ष 2023 में तत्कालीन आयुक्त योगेश आचार्य का 14 जुलाई को ट्रांसफर हो गया। उस समय भूमि शाखा का चार्ज लिपिक गणपत विश्नोई के पास था। आयुक्त के ट्रांसफर के बाद भी लिपिक ने फाइलों पर योगेश आचार्य के साइन किए हुए पट्टे लोगों को दिए। पट्टाधारकों का आरोप है कि उनसे एक पट्टे के लिए डेढ़ लाख से ज्यादा की रकम ली गई। फाइलें ही नहीं मिल रही है। अब परिषद ने B सीरिज के पट्टे निरस्त कर दिए। योगेश आचार्य का ट्रांसफर होने के बाद आयुक्त का चार्ज तत्कालीन एसडीएम समुंदरसिंह के पास था। इसके बाद 6 सितंबर 2023 को विजय प्रतापसिंह ने पद संभाला। इन तीनों आयुक्त में पट्टों पर साइन सिर्फ योगेश आचार्य के ही है। 12 हजार की सीरीज चल रही थी, 1 से 600 की B सीरीज नगर परिषद में वर्ष 2023 में जो पट्टे जारी हो रहे थे उनकी सीरीज 12 हजार की चल रही थी। जबकि बी सीरीज के जारी पट्टों पर 1 से 600B या इससे ज्यादा है। जिन पर 501बी, 502बी लिखा हुआ है। इस सीरीज को लेकर जब नगर परिषद से रिकार्ड खंगाला तो डिस्पैच नहीं मिले। वहीं बी सीरीज के पट्टों को लेकर रिकार्ड भी नहीं था। अधिकांश लाेगों ने ऐसे पट्टे उप पंजीयन से पंजीयन भी करवा रखे है। “नगर परिषद से तीन पट्टे लिए है। इनमें दो पट्टों पर बी सीरीज लगी हुई है।हमने पंजीयन भी करवाए। जब निर्माण की इजाजत के लिए फाइल लगाई तो पता चला कि जिन पट्टों पर बी सीरीज लगी हुई है उन्हें निरस्त कर दिया है। जबकि हमने सारे कागजात दिए है और परिषद से प्रमाणित प्रतिलिपि भी ले रखी है। तीन माह से परिषद के चक्कर काट रहा हूं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा है।” -रमेश गोदारा, विष्णु कॉलोनी बाड़मेर। ^”नगर परिषद में पट्टों के फर्जीवाड़े की जानकारी नहीं है। मैं कुछ समय पहले ही लगा हूं। बी ​सीरीज के पट्टों का मामला मेरे से पहले का है।” -श्रवणसिंह राजावत, आयुक्त,बाड़मेर।

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