फलोदी जिले में बाल विवाह मुक्त भारत 100 दिवसीय विशेष अभियान के तहत जन-जागरूकता रथ यात्रा का शुभारंभ किया गया। यह यात्रा जिला प्रशासन, महिला एवं बाल अधिकारिता विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई और जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के सहयोग से ग्रामीण एवं सामाजिक विकास संस्था द्वारा संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई। कलेक्ट्रेट से किया रवाना जिला कलक्ट्रेट परिसर से जिला कलेक्टर श्वेता चौहान ने रथ यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक कुप्रथा होने के साथ-साथ कानूनी अपराध भी है। इसमें शामिल सभी व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक प्रावधान हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे न तो बाल विवाह कराएं और न ही इसमें सहभागी बनें, बल्कि इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दें। कलेक्टर चौहान ने बाल विवाह की रोकथाम के लिए समाज के हर वर्ग की सहभागिता को आवश्यक बताया। ग्रामीण एवं सामाजिक विकास संस्था के क्षेत्रीय समन्वयक किशन खुड़िवाल ने जानकारी दी कि बाल विवाह की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, संस्थान की हेल्पलाइन 18001027222 या पुलिस हेल्पलाइन 112 पर दी जा सकती है। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने जोर दिया कि बाल विवाह की रोकथाम केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। ग्रामीण क्षेत्रों में जाएगा रथ यह बाल विवाह मुक्ति रथ यात्रा जिले के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर बाल विवाह के दुष्परिणामों, बच्चों के अधिकारों और कानून में निहित प्रावधानों की जानकारी देगी। इस दौरान ओमाराम मेघवाल, भागीरथ चौहान, बिदामी, मदनलाल, पेंपा राम मेघवाल सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


