फलोदी जिले में 300 से ज्यादा पेड़ काटने को लेकर विवाद हो गया। मामला बापिणी तहसील के संतोषनगर स्थित निर्माणधीन सोलर प्लांट का है। पर्यावरण प्रेमी और विश्नोई समाज के लोगों का कहना है कि काटे गए पेड़ों में खेजड़ी, जाल और कुमट सहित विभिन्न प्रजातियों के पेड़ शामिल हैं। घटना की सूचना के बाद बड़ी संख्या में मौके पर लोग जमा हो गए। इसकी सूचना पर पुलिस और प्रशासन के लोग मौके पर पहुंचे और समझाइश की। महंत भगवान दास जाम्भा ने बताया- दोपहर 3 बजे सूचना मिली कि संतोषनगर में बन रहे सोलर प्लांट के पास बड़ी संख्या में खेजड़ी के पेड़ों का काटा गया है। इस पर पर्यावरण प्रेमी और विश्नोई समाज के कई लोग मौके पर पहुंचे। इस दौरान सैंकडों की संख्या में खेजड़ी और अन्य प्रजातियों के पेड़ मौके पर कटे हुए पाए गए। सोलर प्लांट का बिजली कनेक्शन काटने की मांग
मौके पर लोगों के इकठ्ठा होने की सूचना पर भोजासर और मतोड़ा थाना पुलिस के साथ तहसीलदार राजबहादुर सिंह और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से बातचीत शुरू की। इस दौरान ग्रामीणों ने पेड़ काटने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और सोलर प्लांट का बिजली कनेक्शन काटने की मांग की। प्रशासन ने कार्रवाई का दिया आश्वासन
इस पर अधिकारियों ने जोधपुर डिस्कॉम के एमडी से बात कर नियमानुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। साथ ही वन विभाग के सहयोग से काटे गए पेड़ों की प्रजाति सहित गिनती करवाकर टैग लगाने का भी भरोसा दिलाया। स्थिति देखते हुए भोजासर, मातोड़ा, लोहावट, चाखू, थाने के साथ अतिरिक्त पुलिस बल और आरएसी के जवानों को मौके पर तैनात किया गया है। ये रहे मौजूद
इस दौरान विश्नोई समाज के महंत भगवान दास जाम्भा, पर्यावरण बचाओ कमेटी के सदस्य परसराम विश्नोई, मांगीलाल नोखड़ा, सुजान बागाणी, बाबूराम मुंड गोरच्छिया बेरा, मदन डारा, पूनमचंद सरपंच भोजासर सहित कई पर्यावरण प्रेमी मौके पर मौजूद रहे। … यह भी पढ़ें खेजड़ी बचाओ आंदोलन में पैदल पहुंचे पूर्व मंत्री:भजन-कीर्तन कर किया अनशन, कांग्रेस ने समर्थन में निकाली रैली बीकानेर में खेजड़ी बचाने को चल रहे आंदोलन के तहत शनिवार को लगातार छठे दिन बिश्नोई धर्मशाला के आगे महापड़ाव जारी रहा। पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने भी पैदल कूच कर महापड़ाव स्थल पर पहुंचकर अनशनकारियों को संबोधित किया। सुबह से मंच पर भजन-कीर्तन चला, पर्यावरण प्रेमी क्रमिक अनशन पर बैठे रहे और कांग्रेस ने रैली निकालकर आंदोलन को समर्थन दिया। (पढ़ें पूरी खबर)


