फलोदी जिला कांग्रेस कमेटी ने ग्रामीण क्षेत्रों में किए गए वार्ड पुन:सीमांकन/परिसीमन पर कड़ी आपत्ति जताई है। कांग्रेस का आरोप है कि यह कार्य सरकारी मशीनरी के बजाय किसी राजनीतिक दल द्वारा किया गया है, जिसमें कई विसंगतियां हैं और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों की अनदेखी की गई है। जिला कांग्रेस कमेटी ने रविवार को वार्डों के दोबारा सीमांकन को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। जिलाध्यक्ष सलीम नागौरी ने कहा कि वार्डों के दोबारा सीमांकन को देखकर लगता है कि किसी क्षेत्र विशेष या अन्य विशेष दलों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। उन्होंने इसे फलोदी के इतिहास में पहली बार बड़े स्तर पर की जा रही धांधली बताया। नागौरी ने बताया कि जिला परिषद के कई वार्डों की जनसंख्या लगभग 23 हजार है, जबकि कुछ वार्ड 43 हजार जनसंख्या तक के प्रस्तावित किए गए हैं। इसी तरह, पंचायत समितियों के पुनर्गठन में भी नियमों की अनदेखी की गई है, जहां कहीं दो ग्राम पंचायतों को मिलाकर वार्ड बनाए गए हैं, तो कहीं चार-चार ग्राम पंचायतों को मिलाकर बड़े वार्ड बनाए जा रहे हैं। इसे सरासर अन्यायपूर्ण बताया गया। वरिष्ठ नेता प्रकाश छंगाणी, मोमराज विश्नोई और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष ईलमदीन ने भी इस मुद्दे पर बात की। नेताओं ने घोषणा की कि वे सोमवार को जिला कलेक्टर से मिलकर इन विसंगतियों को दूर करने की मांग करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जिला प्रशासन ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो वे सड़क से लेकर अदालत तक का रास्ता अपनाएंगे।


