मकर संक्रांति को भी अलवर जिले में तड़के 4 बजे से शीतलहर जारी है। रात को भी कड़ाके की सर्दी के कारण फसल व बाहर खुले में पड़ी वस्तुओं पर ओस की बूंदें जम गई। रात काे न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। लेकिन सुबह सूर्य देव के निकलने से सर्दी से राहत मिली है। दिन में धूप के कारण सर्दी का असर काफी कम हुआ है। लेकिन इस तरह पड़ने वाली सर्दी से फसलों को पूरा फायदा है। अलवर जिले में सुबह से मौसम साफ है। बहुत हल्का कोहरा जरूर रहा। लेकिन धूप निकलते ही मौसम और साफ हो गया। लेकिन रात को शीतलहर रही। नस्तर की तरह चुबने वाली हवा ने आमजन के जीवन का पूरी तरह प्रभावित किया है। दिन में धूप निकलते ही सर्दी से राहत मिली है। जिले में पिछले कई दिनों से मोसम का मिजाज यही है। जनवरी के महीने में शीतलहर बढ़ी दिसंबर में शीतलहर नहीं के बराबर रही। लेकिन जनवरी आते ही लगातार शीतलहर का असर है। दिन में भी बर्फनुमा शीतलहर ने आमजन को कंपकंपा दिया है। वैसे 31 जनवरी से सर्दी का असर पूरे परवान पर आया है। उसके बाद से शीतलहर जारी है। कई दिनों तक दिन में भी सूर्य के दर्शन नहीं हुए। जिसके कारण दिन में भी कंपकंपी बंद नहीं हो सकी। लेकिन अब दो-तीन दिनों से धूप निकलने से दिन में आराम है। पहले कोहरा घना रहा जनवरी के शुरूआत के चार दिनों तक जिले में घना कोहरा रहा। कई बार तो विजिबिलिट 10 मीटर ही रह गई थी। जिसके कारण आमजन को बड़ी परेशानी झेलनी पड़ी। उसके बाद शीतलहर शुरू हो गई। कोहरा और शीतलहर के दिनों में सबसे अधिक सर्दी का असर रहा।


