इंदौर में फाइलें पेंडिंग रखने पर आयुक्त शिवम वर्मा ने कड़ा रुख देखने को मिला है। संबंधित अधिकारियों पर निलंबन से लेकर शौकाज नोटिस जारी करने तक की कार्रवाई की गई है। नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा ने सोमवार को जनकार्य विभाग और ड्रेनेज विभाग के प्रभारी अधीक्षक द्वारा विकास काम और भुगतान के संबंधित प्रकरणों में देरी संबंधी शिकायत मिलने पर जनकार्य विभाग के प्रभारी अधीक्षक प्रशांत दीघे और ड्रेनेज विभाग प्रभारी अधीक्षक योगेंद्र वर्मा को निलंबित किया। साथ ही विभागीय जांच भी बैठाई। वहीं जनकार्य विभाग अधीक्षण यंत्री डीआर लोधी, कार्यपालन यंत्री मनोज जैन और ड्रेनेज विभाग के विभाग प्रमुख अधीक्षण यंत्री विवेश जैन को प्रकरण के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सोमवार को विकास कार्य से संबंधित जुड़ी फाइलों और भुगतान मामलों में देरी से संबंधी शिकायत मिलने पर आयुक्त ने जनकार्य विभाग में कार्यरत प्र. अधीक्षक और ड्रेनेज विभाग के प्र.अधीक्षक को बुलाकर फाइलों को पेंडिंग रखने और देरी करने के बारे में जानकारी ली। जिसमें सामने आया कि दोनों विभाग में लगभग 1-2 महीने तक प्रकरण लंबित रखे गए। इस संबंध में प्रशांत दीघे और योगेंद्र वर्मा से जानकारी मांगी। तो संतोषजनक जवाब नहीं मिली। जिसके बाद काम में लापरवाही के चलते दोनों को निलंबित किया। भुगतान से संबंधित फाइलों को पेंडिंग रखने को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त ने जांच करने के निर्देश दिए है। साथ ही जांच में जो भी दोषी पाएगा उन पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


